(नैनीताल)17जून,2026.
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पूर्व के आदेश का अनुपालन नहीं करने को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ती पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु तथा तत्कालीन प्रमुख वन संरक्षक (पीसीसीएफ) आरके मिश्रा को अवमानना का नोटिस जारी किया है।
कोर्ट ने पूछा है कि पूर्व के आदेश का अनुपालन क्यों नही हुआ है? इसपर चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब कोर्ट में प्रस्तुत करें. मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त की तिथि नियत की है।
मामला विश्व प्रसिद्ध वन्यजीव शोधकर्ता सुबीर मारियो चौपिन से जुड़ा है, जिन्होंने घड़ियाल संरक्षण, जैव विविधता और वन्यजीव अनुसंधान के क्षेत्र में देश-विदेश में उनके द्वारा कई महत्वपूर्ण शोध किए हैं. अवमानना याचिका में कहा गया है कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में शोध करने के दौरान उनके कई उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान उपकरण, हाई-रिजोल्यूशन कैमरे तथा अन्य दैनिक उपयोग के सामान रिजर्व क्षेत्र में ही रह गए थे. इसी बीच उनकी कॉर्बेट में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
हालांकि, बाद में उनके प्रवेश पर से प्रतिबंध हटा लिया गया, लेकिन उनके उपकरण और अन्य सामान उन्हें वापस नहीं लौटाए गए. इसके बाद उन्होंने इस संबंध में उच्च न्यायलय में याचिका दायर की. कोर्ट ने उनकी याचिका को निस्तारित करते हुए 13 मार्च 2026 को राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि उनके उपकरणों और दैनिक उपयोग का जो भी सामान है उसे चार सप्ताह के भीतर उन्हें वापस करें।
निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बावजूद सामान वापस नहीं किया गया. फिर उनके द्वारा अप्रैल में कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए प्रत्यावेदन भी दिया गया. उसके बाद भी उनके उपकरण वापस नहीं किये गए. अवमानना याचिका में उनके द्वारा कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन करवाया जाये. उनके शोध और दैनिक उपयोग के सम्बंधित सभी उपकरण वापस दिलाने के आदेश दिए जाये।(साभार एजेंसी)
