उत्तराखण्ड का बजट ₹4 हजार करोड़ से बढ़कर ₹1.11 लाख करोड़ पहुंचा:मुख्यमंत्री धामी

Uttarakhand News

(देहरादून)25सितंबर,2026

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में दैनिक जागरण द्वारा आयोजित ‘जागरण विमर्श उत्तराखण्ड आशाएं और चुनौतियां कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की विकास यात्रा, उपलब्धियों, संभावनाओं और भावी चुनौतियों पर विस्तार से अपने विचार रखे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और समय के साथ विकास की आवश्यकताएं एवं चुनौतियां भी बदलती रहती हैं। राज्य गठन के समय लगभग ₹4 हजार करोड़ से शुरू हुआ उत्तराखण्ड का बजट आज लगभग ₹1.11 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, ऊर्जा, कृषि और उद्यानिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड तेजी से प्रमुख पर्यटन और फिल्म गंतव्य के रूप में उभर रहा है। प्रदेश में होम स्टे की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय में भी लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखण्ड * और केरल संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को नई पहचान और व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य की मातृशक्ति सीमित संसाधनों में उच्च गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर रही है। स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ₹5 लाख तक के ब्याजमुक्त ऋण की व्यवस्था की गई है।

युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामलों में 100 से अधिक लोगों के विरुद्ध गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है। पिछले कुछ वर्षों में करीब 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ना है। प्रत्येक बच्चे को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की तैयारियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संत समाज, अखाड़ों, धार्मिक संगठनों और अन्य हितधारकों के सुझावों के आधार पर व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों और कुंभ का आयोजन सुरक्षित, सुव्यवस्थित, भव्य एवं दिव्य रूप से संपन्न हो।

उन्होंने अनियोजित विकास और जलवायु परिवर्तन को उत्तराखण्ड के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था एक-दूसरे के पूरक होने चाहिए। हिमालयी क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए विभिन्न क्षेत्रों की धारण क्षमता का वैज्ञानिक आकलन कराया जा रहा है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, सुरेश गाड़िया, शिव अरोरा एवं प्रताप बिष्ट, महापौर हल्द्वानी-काठगोदाम गजराज सिंह बिष्ट, महापौर काशीपुर दीपक बाली, दैनिक जागरण के संपादक विजय सिंह यादव, कार्यकारी संपादक विष्णु त्रिपाठी, राज्य संपादक मनोज आए, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टी. सी. सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।(साभार)

Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *