दुर्गम पहाड़ी इलाकों को मिलती नई रफ्तार

Uttarakhand News

(देहरादून)25सितंबर,2026.

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) ने उत्तराखण्ड के दूरस्थ और दुर्गम पहाड़ी इलाकों की जिंदगी को नई रफ्तार दी है। बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से घिरे गांवों में सड़क पहुंचने से स्थानीय लोगों की राह आसान हुई है। योजना अपने चौथे चरण में प्रवेश कर चुकी है।

तीन चरणों में ₹11595 करोड़ की लागत से 21915 किमी लंबाई की 2826 सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। इन सड़कों के बनने से 1860 गांव लाभान्वित हुए हैं।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि प्रदेश सरकार दूरदराज के सभी गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएमजीएसवाई सड़कों के निर्माण से दूरस्थ क्षेत्रों की राह आसान होने के साथ ही पर्यटन, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिली है। विद्यार्थियों को कठिन रास्ता तय नहीं करना पड़ता। बीमारों को समय से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है । किसान अपनी फसल को मंडियों तक पहुंचा पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम गांवों को मुख्य धारा से जोड़ने पर खास फोकस है। सड़क के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से
अधिक से अधिक गांवों को लाभान्वित करने पर जोर दिया गया है। इसके लिए सीएम धामी लगातार केंद्र सरकार के समक्ष पैरवी करते रहे हैं। उनकी मजबूत पैरवी का ही नतीजा है कि प्रदेश में पीएमजीएसवाई सड़कों का लगातार विस्तार हो रहा है।

पीएमजीएसवाई-चार के प्रथम चरण में प्रदेश के 309 गांव जल्द ही सड़क से जुड़ेंगे। इसकी कवायद तेज कर दी गई है। ₹1707 करोड़ की लागत से कुल 1228.20 किमी लंबाई की 184 सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। पीएमजीएसवाई-4 में उत्तराखण्ड के सभी 13 जिलों में कुल 1479 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिनकी कुल लंबाई 9344 किमी होगी।

योजना के चौथे चरण के प्रथम चक्र में पौड़ी गढ़वाल के सर्वाधिक 68 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जा रहा है। इसी प्रकार अल्मोड़ा और टिहरी में 47-47, बागेश्वर में 35, पिथौरागढ़ में 25, नैनीताल और उत्तरकाशी में 24-24, चमोली में 17, देहरादून और रुद्रप्रयाग में 10-10 और हरिद्वार में 02 गांव सड़क बनने से लाभान्वित होंगे।(साभार सू वि)

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