(देहरादून)23मई,2026.
महिलाओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने शनिवार को सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
सीडीओ अभिनव शाह ने कहा कि कार्यस्थल पर महिला कार्मिकों को सुरक्षित और गरिमामय वातावरण उपलब्ध कराना प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि तहसील, विकासखंड, ग्राम पंचायत एवं निकाय स्तर के उन सभी कार्यालयों में, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां तत्काल आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) का गठन किया जाए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम और जागरूकता के लिए कार्यालयों में बिलबोर्ड लगाए जाएं तथा महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा 112 का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
सीडीओ ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि महिला कर्मचारियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए शौचालयों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और इंसीनेरेटर लगाए जाएं। मातृत्व लाभ संशोधन अधिनियम-2017 के तहत सार्वजनिक स्थलों पर अमृत कक्ष (फीडिंग रूम), स्वच्छ शौचालय और योग कक्ष की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि जिन सार्वजनिक भवनों में 50 या उससे अधिक महिला कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां कम से कम एक क्रेच केंद्र स्थापित किया जाना अनिवार्य होगा, ताकि कामकाजी महिलाओं को बच्चों की देखभाल में सुविधा मिल सके।
परिवहन, शिक्षा और पर्यटन विभाग को निर्देशित करते हुए सीडीओ ने कहा कि बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, टैक्सी स्टैंड, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, धार्मिक स्थल और सार्वजनिक पार्कों में महिलाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन, इंसीनेरेटर और अमृत कक्ष प्राथमिकता के आधार पर स्थापित किए जाएं।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को 30 मई तक निर्धारित प्रारूप में अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों और उनके अनुपालन संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
इस दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।(साभार एजेंसी)
