(नई दिल्ली)08जुलाई,2026
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित समारोह में 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप की प्रतिष्ठित ट्रॉफियों का अनावरण किया और टूर्नामेंट के ट्रॉफी दौरे को हरी झंडी दिखाकर आधिकारिक शुरुआत की। इसके साथ ही 25 जुलाई से शुरू होने वाले एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू हो गईं।
समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि डूरंड कप ने देश को अनेक प्रतिभाशाली फुटबॉलर दिए हैं और यह प्रतियोगिता खेल के माध्यम से लोगों को जोड़ने का काम करती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुछ नई टीमें भी टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही हैं। विशेष रूप से श्रीलंका की टीम की भागीदारी से प्रतियोगिता को अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूती मिलेगी। राष्ट्रपति ने कहा, फुटबॉल लोगों को एक साथ जोड़ता है। खेल भावना केवल मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन का भी महत्वपूर्ण मूल्य है, जो समानता, सहयोग और कठिन परिस्थितियों में भी डटे रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों और टीमों को शुभकामनाएं देते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल भावना का परिचय देने का आह्वान किया। डूरंड कप का राष्ट्रपति पद से ऐतिहासिक संबंध भी है।
भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की पहल पर विजेता टीम को दिए जाने वाले ‘प्रेसिडेंट्स कप’ की शुरुआत हुई थी और पहली बार यह ट्रॉफी भी उन्होंने ही प्रदान की थी। समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी, पूर्वी कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल वीएम भुवना कृष्णन, दिल्ली क्षेत्र के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी, अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के अध्यक्ष कल्याण चौबे, भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान लल्लियांजुआला छांगते तथा 24 भाग लेने वाली टीमों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
सीडीएस बोले- टूर्नामेंट आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा
सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने कहा कि डूरंड कप की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और यह प्रतियोगिता खेल उत्कृष्टता के साथ राष्ट्रीय एकता को भी मजबूत करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह टूर्नामेंट आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। वहीं, पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन ने कहा कि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में फुटबॉल की समृद्ध परंपरा रही है। डूरंड कप ने स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यह प्रतियोगिता भारतीय फुटबॉल के विकास की आधारशिला बनी हुई है।
भारतीय टीम के कप्तान लल्लियांजुआला छांगते ने कहा कि डूरंड कप उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। उन्होंने कहा कि इसी प्रतियोगिता ने उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर दिया।
24 टीमें, छह स्टेडिंयम और 43 मुकाबले
इस वर्ष का डूरंड कप 25 जुलाई से 23 अगस्त तक कोलकाता, गुवाहाटी, शिलांग, इम्फाल और पहली बार रांची में आयोजित किया जाएगा। 138 वर्ष के इतिहास में
रांची पहली बार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा। टूर्नामेंट में 24 टीमें भाग लेंगी, जिनमें पहली बार श्रीलंका के रक्षा बलों की टीम भी शामिल होगी। कुल 43 मुकाबले छह स्टेडियमों में खेले जाएंगे। टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला 25 जुलाई को कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में रिकॉर्ड 17 बार के चैंपियन मोहन बागान सुपर जायंट और 16 बार के विजेता ईस्ट बंगाल एफसी के बीच पारंपरिक कोलकाता डर्बी के रूप में खेला जाएगा। फाइनल मुकाबला 23 अगस्त को इसी मैदान पर होगा।(साभार एजेंसी)
