(देहरादून)03नवंबर,2026
मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने आज सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जनपदों के साथ विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों और प्रस्तावों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर से विकास योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय उनकी आवश्यकता, उपयोगिता और आर्थिक व्यवहार्यता का समुचित आकलन किया जाना चाहिए।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रस्ताव को शासन को भेजने से पहले उसका कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस यानी लागत-लाभ विश्लेषण अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि प्रस्तावों की वास्तविक उपयोगिता और उनसे होने वाले लाभ का स्पष्ट पता चल सके।
कोल्ड स्टोरेज के संचालन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अच्छा कार्य कर रहे स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी इनका संचालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज चलाने के लिए जरूरी तकनीकी दक्षता और विशेषज्ञता विकसित कर स्वयं सहायता समूहों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज की वर्तमान और भविष्य की जरूरत का जल्द आकलन कर इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में मोबाइल नेटवर्क विहीन क्षेत्रों यानी शैडो एरिया का व्यापक सर्वेक्षण और चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में ऐसे स्थानों की सूची तैयार कर जल्द शासन को भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर भी नेटवर्क विहीन क्षेत्रों का विस्तृत ब्योरा तैयार किया जाए और इसमें स्पष्ट रूप से लिखा जाए कि राजमार्ग के किस किलोमीटर से किस किलोमीटर तक मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। उन्होंने सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को दूरसंचार विभाग से भी आवश्यक जानकारी लेने के निर्देश दिए, ताकि नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जा सके।
मुख्य सचिव ने जनपद देहरादून में त्यूणी उप जिला अस्पताल को 15 नवंबर तक हर हाल में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल के संचालन के लिए डॉक्टर सहित जरूरी मानव संसाधन, उपकरण और अन्य बुनियादी सुविधाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
उन्होंने विद्यालयों में स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए शौचालयों सहित विद्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए प्रधानाचार्यों को दिए जाने वाले अनटाइड फंड में जरूरत के अनुसार वृद्धि की संभावना पर विचार किया जाए। उन्होंने विद्यालय भवनों की मरम्मत और नए भवनों के निर्माण कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने को कहा।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, श्री अमित कुमार सिन्हा, श्री सहदेव सिंह, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, श्री दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, श्री बृजेश कुमार संत, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. एस.एन. पाण्डेय, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री दीपक कुमार, श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, श्री सी. रविशंकर, श्री युगल किशोर पंत, श्री रणवीर सिंह चौहान, डॉ. अहमद इकबाल, श्रीमती रंजना राजगुरू, श्री राजेंद्र कुमार, कमिश्नर गढ़वाल श्री आनन्द स्वरूप, कमिश्नर कुमाऊं श्री दीपक रावत सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी मौजूद रहे।(साभार सू वि)


