खाद्य हानि एवं बर्बादी पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

Uttarakhand News

(रामनगर)30 सितंबर 2026.

उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की मेजबानी में कॉर्बेट एलीगेंट रिसॉर्ट, जिम कॉर्बेट में “भारत में फल और सब्जी थोक बाजारों में खाद्य हानि और बर्बादी” विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन बुधवार को संपन्न हुआ। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों के कृषि विपणन बोर्डों के अध्यक्षों, प्रबंध निदेशकों, वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं COSAMB के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।

  उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के अध्यक्ष एवं दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू ने कहा कि उत्तराखंड में इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन होना राज्य के लिए गौरव और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि फल एवं सब्जी मंडियों में खाद्य हानि को कम करने तथा जैविक एवं अन्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए राज्यों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

 सम्मेलन में पंजाब मंडी बोर्ड के अध्यक्ष श्री हरचंद सिंह बरसात, हिमाचल प्रदेश मार्केटिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री कुलदीप सिंह पठानिया, असम राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष श्री बरुआ सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक उपस्थित रहे। हिमाचल प्रदेश मार्केटिंग बोर्ड के श्री गौतम सहित अन्य अधिकारियों ने भी सम्मेलन में प्रतिभाग किया।

 इस अवसर पर यूएनडीपी के विशेषज्ञ श्री मनोज झा तथा संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध खाद्य हानि एवं खाद्य अपशिष्ट प्रबंधन विषय के विशेषज्ञ एवं परामर्शदाता श्री भारत भूषण सहित विषय विशेषज्ञों ने खाद्य हानि एवं बर्बादी को कम करने के उपायों पर विचार रखे।

  सम्मेलन में फल एवं सब्जी मंडियों में होने वाली खाद्य हानि के प्रमुख कारणों, जिसमें परिवहन के दौरान क्षति, अनुचित भंडारण, अत्यधिक पकना, बाजार में विलंब, अपर्याप्त छंटाई तथा जैविक अवशेष शामिल हैं, पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने स्रोत स्तर पर पृथक्करण, बेहतर संग्रहण एवं परिवहन व्यवस्था, प्रसंस्करण तथा जैविक कचरे के उपयोग पर विशेष जोर दिया।

 वक्ताओं ने कहा कि खाद्य अपशिष्ट के निस्तारण के साथ-साथ खाद्य हानि की रोकथाम पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना आवश्यक है। जैविक कचरे को उपयोगी संसाधन में परिवर्तित करने तथा मंडियों को अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और संसाधन-कुशल बनाने के लिए आधुनिक एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित करने की आवश्यकता है।

 सम्मेलन के दौरान   अंतर्राष्ट्रीय खाद्य हानि एवं बर्बादी जागरूकता दिवस के संदर्भ में भी खाद्य हानि एवं अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

 उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड ने सम्मेलन में प्रतिभाग करने वाले विभिन्न राज्यों के मंडी बोर्डों के अध्यक्षों, अधिकारियों, COSAMB के प्रतिनिधियों तथा विषय विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में राज्यों के मध्य निरंतर संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और सहयोग के माध्यम से खाद्य हानि एवं बर्बादी को कम करने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जाने पर सहमति व्यक्त की गई  अन्त में सभी प्रतिनिधि का आभर व्यत किया।
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