आईआईटी,रुड़की में दीक्षांत समारोह का आयोजन

Uttarakhand News

(हरिद्वार)21सितंबर,2026

आईआईटी, रुड़की में आयोजित दीक्षांत समारोह के दूसरे दिन कुल 1,424 को डिग्री प्रदान की गई।

ऑवलमैचना एकार्थी प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक और एशियन एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निर्देशक डॉ. कपिल गर्ग शामिल रहे।

दीक्षांत समारोह 2026 का एक प्रमुख आकर्षण 518 पीएचडी डिग्रियों का प्रदान किया जाना रहा, जो आईआईटी रुड़की द्वारा अब तक प्रदान की गई पीएचडी विधियों की सबसे अधिक संख्या है। यह संस्थान ज्ञान सृजन तथा नवाचार में इसके योगदानको दर्शाता है।

संस्थान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के प्रावधानों के तहत डॉक्टोरल कार्यक्रम से बाहर होने वाले छात्राओं को पहली बार डिग्री प्रदान की गई।

903 स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने में एमआर्क ,एम.टेक, एम.एससी., एम.आर.पी.,एम.बी.ए.पीजी डिप्लोमा, ई-एमबीए और एम डिजाइन कार्यक्रमों के छात्र शामिल हैं। आधिकारिक हिंदी विवरण के अनुसार, स्नातकोत्तर श्रेणी में 702 छात्र और 201छात्राएं शामिल हैं, जबकि पीएचडी श्रेणी में 346 छात्र और 172 महिलाएं हैं।

इस वर्ष डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों में स्नातकोत्तर छात्र 906, मास्टर ऑफ आर्किटेकर 12 मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी के 579174 मास्टर ऑफ प्लानिंग के 11 मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) के 77 छात्र, एग्जीक्यूटिव MBA के 29, मास्टर ऑफ डिजाइन के 19, पीजी डिप्लोमा के 2 और एम.एस. बाय रिसर्च के छात्र शामिल रहे।

साथ ही डॉक्टोरल छात्र 518. डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.) के 518 छात्र भी शामिल रहे। कुल डिग्री प्राप्त करने वाली की संख्या 1,424 की रही।

दीक्षांत समारोह के दूसरे दिन संस्थान की स्नातकोत्तर शिक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान रहा। हिंडी प्राप्त करने वाले छात्र विभिन्न विषयों में जब अकादमिक प्रशिक्षण और शोध का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह जटिल तकनीकी और सामाजिक चुनौतियों के समाधान के प्रति आईआईटी रुड़की की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन एडवोकेट हरीश साल्वे ने दीक्षांत समारोह 2026 के दूसरे दिन के बारे में कहा, “आज जिन स्नातकोत्तर और डॉक्टोरल सात्रों की उपलब्धियों का जश्न मनाया जा रहा है. वे उक्त शिक्षा, जिज्ञासा और शोध की उस भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो आईआईटी रुड़की के मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ज्ञान की खोत डिग्री मिलने के साथ समाप्त नहीं होती, बल्कि यह नए सवालों, नई संभावनाओं और अधिक जिम्मेदारियों के द्वार खोलती है। जब ये स्नातक और शोधार्थी शिक्षा उद्योग और जन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ेंगे, तो मुझे विश्वास है कि वे नवाचार और समाज की प्रगति में योगदान देंगे। में सभी स्नातक छात्रों और शोधार्थियों को बधाई देता हूं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।”(साभार)

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