(देहरादून)01अगस्त,2026.
उत्तराखण्ड के उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में बेहतर और एम्प्लॉयमेंट ओरिएंटेड शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी. इसके लिए राज्यपाल गुरमीत सिंह ने लोकभवन में एआई फॉर ऑल पहल का शुभारंभ किया. इस दौरान, आईआईटी मद्रास के निदेशक पद्मश्री प्रो वी कामाकोटी और दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन (MoU) पर साइन किए।
एआई फॉर ऑल पहल दून विश्वविद्यालय, आईआईटी मद्रास, प्रवर्तक टेक्नोलॉजी फाउंडेशन और स्वयं प्लस के सहयोग से संचालित की जाएगी. इस संयुक्त पहल के पहले चरण में उत्तराखण्ड के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए स्वयं प्लस और आईआईटी मद्रास, प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के जरिए कई अत्याधुनिक एआई आधारित पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस पहल के शुभारंभ के दौरान राज्यपाल ने कहा ये पहल सिर्फ नए पाठ्यक्रमों का आरम्भ नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की उच्च शिक्षा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार और वैश्विक ज्ञान-आधारित भविष्य से जोड़ने वाले नए युग की शुरुआत है. उन्होंने कहा एआई फॉर ऑल विकसित उत्तराखण्ड और विकसित भारत के संकल्प को नई गति देगा. राज्य के युवाओं को भविष्य की तकनीकों का केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उनका सृजनकर्ता बनने के लिए प्रेरित करेगा।
राज्यपाल ने दून विश्वविद्यालय, आईआईटी मद्रास, प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन और स्वयं प्लस के सहयोग की सराहना की. उन्होंने कहा ये साझेदारी उत्तराखण्ड के युवाओं को देश के सर्वाेत्तम ज्ञान- संसाधनों से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल है. आने वाले समय में उच्च शिक्षा के नए मानदण्ड स्थापित करेगी. साथ ही कहा कि इस पहल से राज्य के दूरस्थ जिलों के विद्यार्थियों को भी देश के अग्रणी संस्थानों में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. डिजिटल शिक्षा ने भौगोलिक दूरियों को समाप्त कर दिया है. अब प्रतिभा का मूल्यांकन स्थान नहीं, बल्कि क्षमता, परिश्रम और नवाचार के आधार पर होगा।
कार्यक्रम के दौरान आईआईटी. मद्रास के डायरेक्टर प्रो. वी कामाकोटी ने बताया स्वयं प्लस, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की एक पहल है. इस पहल को आईआईटी मद्रास पूरे देश में लागू कर रहा है. इसे पूरे भारत में सीखने वालों को उच्च- गुणवत्ता वाले, रोज़गार- उन्मुख सीखने के अवसर प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।(साभार एजेंसी)
