(देहरादून)30जुलाई,2026.
उत्तराखंड राज्य में समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त बजट समय पर व्यय नहीं किए जाने पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में स्वीकृत धनराशि और राज्यांश का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने अपने शासकीय आवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में वित्त नियंत्रक एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि बजट व्यय में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शिक्षकों की लंबित पदोन्नति प्रक्रिया और वार्षिक स्थानांतरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए, ताकि लंबे समय से पदोन्नति और तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों को शीघ्र राहत मिल सके।
बैठक में हाल ही में भारत सरकार द्वारा आयोजित पीएम-पोषण एवं समग्र शिक्षा अभियान की समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। डॉ. रावत ने बताया कि 8 और 9 अगस्त को देहरादून में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और डायट प्राचार्य भाग लेंगे। कार्यशाला में समग्र शिक्षा के तहत किए गए नवाचारों और विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण भी किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित आईसीटी लैब, वर्चुअल क्लास, स्मार्ट क्लास सहित विभिन्न योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए, ताकि पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का विधिवत शुभारंभ किया जा सके।
उन्होंने राज्य के 200 विद्यालयों में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए नई संस्था का चयन होने तक पूर्व की संस्था से ही कार्य जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आना चाहिए।
समीक्षा बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोण्डे, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद कुमार सिमल्टी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा के.एस. रावत, वित्त नियंत्रक वीरेन्द्र कुमार सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।(साभार)
