(देहरादून)29जुलाई,2026
प्रदेश के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में विभागीय अधिकारियों तथा क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) के अधिकारियों के साथ आयुष विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश में आयुष सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने, प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने और उत्तराखंड को आयुर्वेद एवं वेलनेस टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में वर्तमान में 3 सरकारी आयुष अस्पताल और 20 गैर-सरकारी आयुष अस्पताल संचालित हैं, जो आयुष एवं आयुर्वेद के शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान भी हैं। इसके अलावा प्रदेश में 552 सरकारी आयुष क्लीनिक एवं वेलनेस सेंटर तथा 1,511 गैर-सरकारी आयुष क्लीनिक एवं वेलनेस सेंटर कार्यरत हैं। सरकारी आयुष अस्पतालों में उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय हर्रावाला, ऋषिकुल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज (पीजी) हरिद्वार तथा गुरुकुल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज हरिद्वार शामिल हैं।
मदन कौशिक ने कहा कि प्रदेश में 148 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को बेहतर सुविधाओं से युक्त आधुनिक आयुष हब के रूप में विकसित करने के लिए QCI के अधिकारियों के साथ विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने आयुष चिकित्सकों एवं पंचकर्म तकनीशियनों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने, आयुष संस्थानों में उच्च गुणवत्ता मानक लागू करने तथा उत्तराखंड को आयुर्वेद और योग के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्थापित 46 पंचकर्म केंद्रों की गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप विकसित करने पर भी चर्चा हुई। साथ ही प्रदेशभर के होटल, रेस्टोरेंट और धर्मशालाओं में आयुष स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने तथा उत्तराखंड को आयुर्वेद एवं स्वास्थ्य पर्यटन का प्रमुख गंतव्य बनाने के लिए भारत सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
आयुष मंत्री ने कहा कि हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे विश्व प्रसिद्ध वेलनेस टूरिज्म केंद्र तथा औषधीय पौधों की समृद्ध उपलब्धता उत्तराखंड को आयुर्वेद और वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि आयुष सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार से प्रदेश में स्वास्थ्य पर्यटन को नई गति मिलेगी और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
बैठक में आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग की सचिव रंजना राजगुरु, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी चक्रवर्ती कानन, एनएबीएच की निदेशक डॉ. पूनम बजाज, उपनिदेशक डॉ. इन्दु बाला सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
