पीएम मोदी 3 देशों की 6 दिवसीय यात्रा पर

National News

(नई दिल्ली)05जुलाई,2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार से 6 दिवसीय विदेश यात्रा पर इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जा रहे हैं. इसमें सबसे खास न्यूजीलैंड का दौरा रहेगा. क्योंकि, 1986 में राजीव गांधी के दौरे के 40 साल बाद भारत के कोई प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड जा रहे हैं. राजीव गांधी से पहले 1968 में इंदिरा गांधी न्यूजीलैंड गई थीं. पीएम मोदी की तीन देशों की यह यात्रा भारत की समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, हिंद प्रशांत क्षेत्र को लेकर जारी कूटनीति और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने के इरादे से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. आईए जानते हैं कि मोदी किस देश में कब और कितने दिन रुकेंगे.

चौथी बार इंडोनेशिया जा रहे मोदी: विदेश मंत्रालय में पूर्वी देशों के मामलों के सचिव के अनुसार मोदी 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे. पीएम मोदी की यह इंडोनेशिया की चौथी यात्रा होगी. मोदी, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मुलाकात करेंगे. दरअसल, मलक्का जलडमरूमध्य भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र है.

मोदी अपनी यात्रा के दौरान समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को और मजबूती देने पर जोर देंगे. वैसे समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता में इंडोनेशिया ने हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. लेकिन, मौजूदा वैश्विक तनाव को देखते हुए भारत इसे और मजबूती प्रदान करने पर जोर दे रहा है. इसके अलावा जकार्ता में, भारतीय समुदाय से भी मोदी संवाद करेंगे. मोदी योग्याकार्ता भी जाएंगे, जहां वे प्रंबानन मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे.

भारत-ऑस्ट्रेलिया CEO फोरम में शिरकत करेंगे मोदी: विदेश मंत्रालय के अनुसार मोदी अपनी यात्रा के दूसरे चरण में 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया में रहेंगे. मेलबर्न में मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री, एंथनी अल्बानीज के साथ तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे. यहां पर दोनों नेता द्विपक्षीय मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में भी भाग लेंगे. इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय प्रवासी समुदाय को भी संबोधित करेंगे.

मोदी दूसरे भारतीय पीएम जो जाएंगे न्यूजीलैंड: विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया के बाद 10 से 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड में रहेंगे. यहां पर मोदी न्‍यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर बातचीत करेंगे. न्यूजीलैंड का यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि, 40 साल से किसी भी प्रधानमंत्री ने इस देश की यात्रा नहीं की. इससे पहले 1986 में राजीव गांधी न्यूजीलैंड गए थे और अब 40 साल बाद पीएम मोदी वहां पहुंच रहे हैं.

न्यूजीलैंड के साथ FTA लागू करने की हो सकती है घोषणा: भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की घोषणा अप्रैल 2026 में पहले ही हो चुकी है. मोदी अब न्यूजीलैंड में इस FTA को लागू करने की घोषणा कर सकते हैं. इससे दोनों देशों के व्यापार, निवेश और रणनीतिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी. इसके अलावा मोदी न्यूजीलैंड में प्रमुख व्यापार और खेल जगत की हस्तियों के साथ भी बातचीत करेंगे.

FTA लागू होने से देश को क्या फायदा होगा

शुल्क में छूट और निर्यात: मुक्त व्यापार समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने भारतीय उत्पादों पर 100 प्रतिशत आयात शुल्क समाप्त कर दिया है. इससे कपड़ा, लेदर, फुटवियर और इंजीनियरिंग सामानों का न्यूजीलैंड में निर्यात तेजी से बढ़ेगा.
निवेश और रोजगार: न्यूजीलैंड भारत में भारी निवेश करेगा. इसके जरिए हजारों भारतीय युवाओं को न्यूजीलैंड में काम करने का अवसर मिलेगा.
व्यापार का दायरा: दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार का मूल्य 3.95 अरब न्यूजीलैंड डॉलर (लगभग 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच गया है. भारत मुख्य रूप से फार्मास्यूटिकल्स, गैस टर्बाइन और कपड़ा निर्यात करता है, जबकि न्यूजीलैंड से कोयला और लकड़ी का आयात होता है.
कृषि में साझेदारी: न्यूजीलैंड भारत में कीवी, सेब और शहद के उत्पादकों की क्षमता बढ़ाने में सहयोग करेगा. हालांकि, भारत ने अपने घरेलू किसानों की सुरक्षा के लिए डेयरी उत्पादों को समझौते से बाहर रखा है.
भारत-न्यूजीलैंड में आयात-निर्यात कितना: दक्षिण-पश्चिम प्रशांत महासागर के 2,68,000 वर्ग किलोमीटर में फैले 53.5 लाख की आबादी वाले न्यूजीलैंड के साथ भारत का कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 2.4 अरब अमेरिकी डॉलर का है. न्यूजीलैंड के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2024-25 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का कुल व्यापार 1.3 अरब डॉलर था, जिसमें भारत का निर्यात 71.1 करोड़ डॉलर और आयात 58.7 करोड़ डॉलर रहा.

भारत से न्यूजीलैंड को विमान ईंधन, दवाएं, मोटर वाहन, इंजीनियरिंग के सामान, रेडीमेड कपड़े और मशीनरी निर्यात किए गए. वहीं, न्यूजीलैंड से लकड़ी, लोहा और इस्पात, कच्ची ऊन, डेयरी उत्पाद, कोयला और स्क्रैप धातुओं का भारत ने आयात किया। (साभार एजेंसी)

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