(नई दिल्ली)13जून,2026
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी नीट पेपर लीक के मुद्दे पर युवाओं को लामबंद करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए राहुल गांधी एक देशव्यापी अभियान का नेतृत्व करेंगे, जिसमें देशभर के छात्रों को शामिल किया जाएगा और इसकी शुरुआत 17 जून से राजस्थान को कोटा से होगी।
कोटा के बाद इन शहरों में भी अभियान चलाएगी कांग्रेस:
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि ये कार्यक्रम राजस्थान के बाद 10 जुलाई को प्रयागराज, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में भी आयोजित किए जाएंगे। कांग्रेस इस अभियान के तहत लोगों को इकट्ठा करेगी। इस अभियान में छात्र, परीक्षा की तैयारी करने वाले युवा, युवा संगठन, शिक्षक और परीक्षा घोटालों से सीधे प्रभावित सभी लोग शामिल होंगे। यह अभियान उन लाखों युवा भारतीयों की मुश्किलों को उजागर करेगा जिनका भविष्य पेपर लीक, परीक्षा की बढ़ती लागत और निष्पक्ष व पारदर्शी भर्ती और शिक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में सरकार की विफलता के कारण बार-बार खतरे में पड़ रहा है।
केसी वेणुगोपाल ने बताया, राहुल गांधी छात्र सम्मेलनों की श्रृंखला आयोजित करेंगे। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत पार्टी एनएसयूआई, युवा कांग्रेस, पीसीसी, डीसीसी और देशभर की स्थानीय इकाइयों के जरिए व्यापक जनसंपर्क कर छात्रों को संगठित किया जाएगा। साथ ही कैंपस में जनसंपर्क, कोचिंग सेंटरों, विश्वविद्यालयों, स्कूलों और युवा केंद्रों में संवाद, सोशल मीडिया अभियान, लाइव स्क्रीनिंग और छात्रों से सीधा संवाद किया जाएगा।
कॉकरोच जनता पार्टी भी कर रही प्रदर्शन:
कांग्रेस पार्टी का नीट पेपर लीक को देशव्यापी छात्र सम्मेलन कार्यक्रम का एलान ऐसे समय किया गया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी भी इस मुद्दे पर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर रही है। पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा। गुरुवार को अभिजीत दीपके के नेतृत्व में पुणे में सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए।
सोनम वांगचुक ने सीजेपी का शिक्षा घोषणापत्र जारी किया। उन्होंने कहा कि इसमें पेपर लीक रोकने, समय पर रिजल्ट जारी करने, भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय करने और परीक्षा में देरी-गड़बड़ियों से छात्रों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया गया है।
नीट के मुद्दे पर घिरी है सरकार:
नीट परीक्षा पेपर लीक मुद्दे पर केंद्र सरकार बुरी तरह से घिरी हुई है। पहले नीट पेपर लीक को लेकर सरकार की किरकिरी हुई और फिर सीबीएसई परीक्षा की निष्पक्षता पर भी सवाल उठे और उसमें खामियां पता चलीं। जिसे लेकर छात्रों और अभिभावकों में काफी नाराजगी है। नीट पेपर लीक के चलते कई छात्रों के आत्महत्या करने की खबरें सामने आई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी नीट पेपर लीक पर सख्त टिप्पणियां कर गंभीर सवाल उठाए थे। यही वजह है कि अब 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा को लेकर सरकार सतर्कता बरत रही है और प्रधानमंत्री मोदी खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं।(साभार एजेंसी)
