(नई दिल्ली)20अप्रैल,2026.
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य,बाजार अर्थव्यवस्था और कानून के शासन का सम्मान भारत और दक्षिण कोरिया दोनों देशों के डीएनए में शामिल है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को लेकर भी दोनों देशों की सोच समान है। इन साझा मूल्यों और दृष्टिकोण के आधार पर पिछले एक दशक में भारत और दक्षिण कोरिया के संबंध अधिक गतिशील और व्यापक बने हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ली की इस यात्रा के साथ दोनों देश अपनी भरोसेमंद साझेदारी को भविष्य उन्मुख साझेदारी में बदलने जा रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि चिप, जहाज प्रतिभा से तकनीक, पर्यावरण से ऊर्जा तक हर क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों को साकार किया जाएगा।
राष्ट्रपति ली बोले-भारत गतिशील विकास की मिसाल,यहां आना सम्मान की बात:
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ संयुक्त प्रेस बयान में भारत सरकार, प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके और उनके प्रतिनिधिमंडल के लिए दिखाई गई पहल और गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए वह दिल से धन्यवाद देते हैं। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और सबसे गतिशील आर्थिक विकास हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के रूप में आठ वर्षों बाद पहली बार भारत की राजकीय यात्रा पर आकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है।
पीएम मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग से मुलाकात के बाद कहा कि वैश्विक तनाव के इस दौर में भारत और दक्षिण कोरिया मिलकर शांति और स्थिरता का संदेश दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को खुशी है कि आज दक्षिण कोरिया ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और इंडो-पैसिफिक महासागर पहल से जुड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देश संयुक्त प्रयासों के जरिए शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के निर्माण में योगदान देते रहेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार भी बेहद जरूरी है और इस मुद्दे पर दोनों देशों में सहमति बनी है।
उन्होंने कहा कि लगभग सौ वर्ष पहले भारत के महान कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर ने कोरिया को लैम्प ऑफ द ईस्ट कहा था और आज दक्षिण कोरिया विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया की साझेदारी केवल दोनों देशों ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रगति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी।
राष्ट्रपति ली और पीएम मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक,भारत ने दिया शांति का संदेश:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने भारत-कोरिया बिजनेस लीडर्स डायलॉग में हिस्सा लिया। इस दौरान दोनों नेताओं ने कार्यक्रम में मौजूद उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ समूह फोटो खिंचवाई। साथ ही पीएम मोदी और राष्ट्रपति ली ने सेल्फी ली। दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान हुआ(साभार एजेंसी)
