(देहरादून)7अप्रैल,2026
उत्तराखंड राज्य के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति का आकलन किया।
बैठक में मंत्री ने कहा कि आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में प्रदेश में 3 राजकीय परिसर, 13 जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा कार्यालय, 13 जिला होम्योपैथिक कार्यालय तथा 21 निजी महाविद्यालय सहित अनेक संस्थाएं संचालित हो रही हैं।
उन्होंने आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय से संबंधित समस्याओं की समीक्षा करते हुए महानिदेशक की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए, ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। ऐसे में धार्मिक स्थलों पर स्थित धर्मशालाओं एवं बड़े होटलों को आयुर्वेद से जोड़ने के लिए एक प्रभावी योजना तैयार की जाए, जिससे आमजन को लाभ मिल सके। उन्होंने आयुर्वेद को प्रदेश में एक बड़े संसाधन के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ब्लॉक एवं न्याय पंचायत स्तर तक वेलनेस सेंटर, योग और पंचकर्म जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाए। इसके लिए विभागीय स्तर पर ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
बैठक में आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं शोध कार्यों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय से जुड़े सभी प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा कर समाधान निकाला जाए।
प्रदेश में आयुष सेवाओं की स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया गया कि राज्य में लगभग 852 चिकित्सालय संचालित हैं। इनमें 5491 आयुर्वेदिक, 1226 होम्योपैथिक, 201 यूनानी, 10 सिद्ध एवं 18 प्राकृतिक चिकित्सा चिकित्सक कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त फार्मासिस्ट, नर्स एवं अन्य सहायक स्टाफ भी उपलब्ध हैं।
मंत्री ने रिक्त पदों को शीघ्र भरने के लिए अधियाचन भेजने और नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
बैठक में सचिव आयुष रंजना राजगुरू, अपर सचिव/निदेशक विजय कुमार जोगदंडे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।(साभार एजेंसी)
