(नई दिल्ली)18मार्च,2026
केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक को आगामी जनगणना 2027 का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है।
इस नई जिम्मेदारी के तहत पटनायक अपनी विशिष्ट रेत कला के माध्यम से देशभर में जनगणना के प्रति जागरूकता फैलाएंगे। उनका उद्देश्य नागरिकों को भागीदारी के महत्व तथा सटीक आंकड़ा संग्रह के प्रति प्रेरित करना होगा।
जनगणना के बाद बदलेगी भारत की तस्वीर:
बताया जा रहा है कि वर्ष 2027 की जनगणना में जाति और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित आंकड़े भी संकलित किए जाएंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, इन आंकड़ों का देश की राजनीतिक और सामाजिक संरचना पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
साथ ही निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रिया में भी यह आंकड़े सहायक साबित होंगे, जिससे लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व की तस्वीर बदल सकती है।
गौरतलब है कि जनगणना 2027 देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी। पिछली जनगणना वर्ष 2011 में संपन्न हुई थी, जबकि 2021 में प्रस्तावित जनगणना कोविड‑19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी।
अब इसे पुनर्निर्धारित करते हुए व्यापक स्तर पर डिजिटल तकनीक के उपयोग के साथ आयोजित किया जा रहा है।
ओडिशा में दो चरणों में होगी जनगणना
ओडिशा में जनगणना कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में एक फरवरी से घरों की सूची तैयार कर उनका चिह्नांकन किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार, नागरिक आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भी अपनी जानकारी उपलब्ध करा सकेंगे। विशेष बात यह है कि इस बार जनगणना का लगभग 90 प्रतिशत कार्य डिजिटल माध्यम से संपन्न करने की योजना बनाई गई है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और त्वरित होगी।
माना जा रहा है कि रेत कला के जरिए जनसामान्य तक संदेश पहुंचाने की पहल जनगणना अभियान को जनआंदोलन का रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।(साभार एजेंसी)
