(देहरादून)9मार्च,2026.
उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में पहली बार सरकार ने राज्यपाल अभिभाषण के दिन ही सदन में बजट पेश किया। यह पहला मौका था जब मुख्यमंंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में वित्त मंत्री के रूप में अपनी सरकार का बजट पेश किया। सीएम धामी ने 1.11 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश किया। इस बार बजट को 10 फीसदी बढ़ाया है। चुनावी वर्ष का यह बजट गरीब, युवा, किसान व महिला सशक्तीकरण पर फोकस रहा।
जेंडर बजट बढ़ाया:
खास बात यह है कि सरकार ने इस सत्र में जेंडर बजट बढ़ाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 16961.32 करोड़ का प्रावधा था जो कि इस बार बढ़ाकर 19692.02 करोड़ का प्रावधान किया गया।
इन योजनाओं के लिए बरसा धन:
कुम्भ मेला के लिए भारत सरकार से अवस्थापना अनुदान के लिए 1027.00 करोड़
विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) हेतु समग्र रूप से रु0 705.25 करोड़
निर्भया फंड के लिए 112.02 करोड़
पर्यटन विकास हेतु अवस्थापना निर्माण के लिए 100.00 करोड़
कोलोनाइजेशन प्रोत्साहन के लिए अवस्थापना निर्माण के लिए 25.00 करोड़
हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना हेतु के लिए 10.00 करोड़
ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए 10.00 करोड़
साईबर सिक्योरटी के क्रियान्वयन के लिए 15.00 करोड़
इमरजिंग टेक्नोलॉजी एवं एआई के क्रियान्वयन के लिए 10.50 करोड़
महक क्रान्ति हेतु 10.00 करोड़
स्पिरिचुअल इकोनोमिक ज़ोन के विकास के लिए 10.00 करोड़
हाउस ऑफ़ हिमालयाज के लिए 5.00 करोड़
उत्तराखण्ड एवं भारत दर्शन के लिए 4.50 करोड़
सरयू एवं अन्य रिवर फ्रंट योजनाओं के लिए 10.00 करोड़
आपदा सखी हेतु 2.00 करोड़
ग्राम प्रहरीके लिए 5.00 करोड़
नशा मुक्ति केन्द्र के लिए 4.50 करोड़
पुस्तकालय निर्माण 5.00 करोड़
विदेश रोजगार प्रकोष्ठ 3.73 करोड़
न्याय पंचायत स्तर पर
स्टेडियम 10.00 करोड़
रेस्क्यू सेंटर 19.00 करोड़
गरीब कल्याणः मानव सेवा नारायण सेवा:
अन्नपूर्ति योजना के लिए 1300 करोड़
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 298.35 करोड़
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) 56.12 करोड़
ई.डब्ल्यू.एस. आवास हेतु अनुदान 25.00 करोड़
परिवहन निगम की बसों में निर्धारित श्रेणी के यात्रियों हेतु निःशुल्क यात्रा की सुविधा 42.00 करोड़
निर्धन परिवार हेतु रसोई गैस पर अनुदान -43.03 करोड़
दिव्यांग पेंशन, तीलू रौतेली पेंशन, बौना पेंशन एवं जन्म से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों हेतु -167.05 करोड़
दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास- 25.00 करोड़
राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण- 01.00 करोड़
अन्नदाता को क्या मिला ?:
ट्राउट प्रोत्साहन योजना हेतु 39.90 करोड़
आईटीबीपी बटालियन को जीवित भेड़. बकरी और कुक्कुट आपूर्ति योजना के लिए 3.50 करोड़
दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजनांतर्गत 42.50 करोड़
हाउस ऑफ हिमालयाज के अन्तर्गत 05.00 करोड़
मिशन एप्पल योजना अन्तर्गत समग्र रूप से 42.00 करोड़
दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना हेतु समग्र रूप 32.00 करोड़
मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजनांतर्गत- 20.00 करोड़
मुख्यमंत्री मत्स्य सपदा योजना के लिए 12.43 करोड़
मिलेट मिशन योजना के प्रोत्साहन के लिए 12.00 करोड़
स्थानीय फसलों को प्रोत्साहन कार्यक्रम के लिए 5.75 करोड़
मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना के लिए 20.00 करोड़
किसान पेंशन योजना 12.06 करोड़
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना 160.13 करोड़
गंगा कार्यकारी योजना के अन्तर्गत रखरखाव के लिए जल संस्थान को अनुदान 25.00 करोड़
युवा कल्याणः युवाओं को सशक्त बनाना:
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए- 60.00 करोड़
मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के लिए- 10.00 करोड़
पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना हेतु- 62.29 करोड़
गैर-सरकारी महाविद्यालयों को सहायता अनुदान- 155.38 करोड़
शिक्षा मित्रों को मानदेय का भुगतान- 10.00 करोड़
सीएम युवा भविष्य निर्माण योजना- 10.00 करोड़
उल्लास नव साक्षरता कार्यक्रम के लिए 3.34 करोड़
नारी सशक्तीकरण के लिए खुला पिटारा:
नन्दा गौरा योजनांतर्गत 220.00 करोड़
प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना के लिए 47.78 करोड़
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजनांतर्गत 25.00 करोड़
मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजनांतर्गत 30.00 करोड़
मुख्यमंत्री महिला पोषण योजनांतर्गत 13.44 करोड़
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजनांतर्गत 15.00 करोड़
मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि हेतु- 08.00 करोड़
निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु 05.00 करोड़
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 3.76 करोड़
मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना हेतु 05.00 करोड़
राज्य में प्रसूता के लिए ईजा-बोई शगुन योजना हेतु समग्र रूप से 122 करोड़
मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजनांतर्गत 02.00करोड़
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत का निर्माण- 10.00 करोड़
गंगा गाय महिला डेरी विकास योजनांतर्गत 05.00 करोड़
बजट सत्र शुरू होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया वॉकआउट:
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आज से बजट सत्र शुरू हो गया है। विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधान भवन परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। बजट की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर कांग्रेस विधायक परिसर में धरने पर बैठ गए। इस दौरान विपक्ष ने नारेबाजी की। इसके बाद सत्र शुरू होते ही विपक्षी नेता नारेबाजी कर वेल में पहुंचे। इसके बाद शोर के बीच ही राज्यपाल का संबोधन शुरू हुआ। बजट सत्र शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने वहां हंगामा शुरू कर दिया। राज्यपाल के अभिभाषण शुरू ही हुआ था कि कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। (साभार एजेंसी)
