नई बिजली दरों के प्रस्ताव का किसानों द्वारा विरोध

Uttarakhand News

(देहरादून)28फरवरी,2026.

उत्तराखंड राज्य में पॉली हाउस लगाने वाले और मशरूम उत्पादन करने वाले किसान नई बिजली दरों के प्रस्ताव पर विरोध जताने पहुंचे। उनका कहना था कि पिछले साल के टैरिफ में लगाए गए फिक्स चार्ज और दरों की वजह से तेजी से उनका काम बंदी के कगार पर पहुंच रहा है।

लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधि मनमोहन भारद्वाज ने कहा कि कृषि सहायक सेवाओं के तहत प्रदेश में 85 प्रतिशत से अधिक पॉलीहाउस बंद हो चुके हैं। जब बिजली सस्ती थी तो बढ़ रहे थे लेकिन अब आरटीएस-4 श्रेणी लागू होने के बाद तेजी से घट रहे हैं। उस पर भी पांच से छह घंटे का पावर कट किया जा रहा है।

मशरूम उत्पादक अमित शर्मा ने कहा कि फिक्स चार्ज गलत तरीके से लागू किया गया। सालभर लोड नहीं होता। सर्दियों में तापमान कम होने के चलते उन्हें ज्यादा बिजली की जरूरत नहीं होती। लिहाजा, फिक्स चार्ज को हटाया जाए। कहा कि पूरा कच्चा माल बाहर से आता है। ऐसे में अगर बिजली इतनी महंगी होगी तो उनकी कमाई पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।

उपभोक्ताओं के हित में ही फैसला लिया जाएगा

वहीं, राहुल देव ने एमएसएमई सेक्टर को सीजनल करार देते हुए फिक्स चार्ज से राहत की मांग की। कई उपभोक्ताओं ने फूड प्रॉसेसिंग, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भी अलग से सीजनल श्रेणी में शामिल करने की मांग की। जनसुनवाई के अंत में सदस्य तकनीकी प्रभात किशोर डिमरी ने कहा कि आयोग ने सभी का पक्ष सुन लिया है। उपभोक्ताओं के हित में ही फैसला लिया जाएगा।

सरकार कर ले म्हारे से बात,एक रुपए से उप्पर न दे सकें किसान:

जनसुनवाई में हरिद्वार, रुड़की व आसपास के क्षेत्रों से भारतीय किसान यूनियन(टिकैत) के प्रतिनिधियों ने बिजली दर बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर विरोध जताया। यूनियन के संजय चौधरी ने कहा कि सरकार म्हारे से बात कर ले…हम एक रुपये से उप्पर न दे सकें। म्हारी भावनाओं को भी समझो। अन्न, ऑक्सीजन से लेकर सस्ता मीठा हम दैवें, म्हारे से ही लूट मचाई जा री। स्मार्ट मीटर भी म्हारे गांव में लगन नी देनेके।(साभार एजेंसी)

Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *