चारधाम यात्रा:ट्रांजिट कैंप में भी की जाएगी बसों की चेकिंग

Uttarakhand News

(देहरादून)27फरवरी,2026.

चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। चेक पोस्ट पर लगने वाली भारी भीड़ को कम करने के लिए इस बार कुछ बसों की चेकिंग ट्रांजिट कैंप में ही की जाएगी। इसके लिए विभाग द्वारा विशेष व्यवस्था की जा रही है। इसके अतिरिक्त ग्रीन कार्ड में मैनुअल संशोधन करने की अनुमति भी दी जाएगी।

एआरटीओ कार्यालय में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने ट्रांसपोर्टरों के साथ बैठक की। टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने कहा कि इस बार चारधाम यात्रा के लिए बसों की अलग-अलग लॉटरी निकाली जाएगी। पिछले साल तक लॉटरी एक साथ निकाली जाती थी, उसके बाद उसमें से कांटेक्ट कैरिज और स्टेज कैरिज की बसों को छांटा जाता था। लॉटरी के अतिरिक्त सभी बसों के गमन पत्र चेक किए जाएंगे।

रोटेशन के पूर्व अध्यक्ष नवीन रमोला ने बसों और टैक्सियों से कैरियर हटाने की मांग की। जबकि टैक्सी यूनियन के बिजेंद्र कंडारी, सुंदर पंवार, जयप्रकाश नारायण, नवीन सेमवाल, हेमंत डंग ने कहा कि कैरियर हटने से यात्रियों को सामान ले जाने में परेशानी होगी। कृष्णा पंत ने कहा कि यात्रा के लिए जो अतिरिक्त बसें चलती हैं उन्हें केवल 15 दिन का परमिट दिया जाए। उस परमिट पर वह बसें हरिद्वार और मसूरी अवैध रूप से संचालित होती हैं।

मनोज ध्यानी ने कहा कि रोटेशन के अतिरिक्त अन्य बसों को अस्थायी परमिट जारी न किया जाए। ग्रीन कार्ड में मैन्युअल रूप संशोधन से अनुमति दी जाए। टैक्सी एसोसिएशन से बिजेंद्र कंडारी ने कहा कि बाहरी राज्यों के वाहनों का ग्रीन कार्ड 10 से 12 दिन तक का बनाया जाए। टैक्सी यूनियन नटराज चौक के सचिव मुकेश तिवाड़ी ने कहा कि आईएसबीटी से यात्रा के दौरान केदारनाथ के लिए सवारियां बुक की जाती हैं। ट्रांजिट कैंप के पास एक रोड पर्यटन विभाग की ओर बनाई गई थी। यह रोड अवैध वाहनों का संचालन का अड्डा बन गई है।

आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने कहा कि जो बसें चारधाम यात्रा के लिए कुमाऊं से मंगाई जाती हैं, उन्हें कुमाऊं से ऋषिकेश और हरिद्वार तक आने का परमिट दिया जाए। उसके बाद चारधाम यात्रा के लिए उन्हें ऋषिकेश और हरिद्वार एआरटीओ से परमिट जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बैठक के आए ट्रांसपोर्टरों की सभी समस्याओं का समाधान कर दिया गया है। ग्रीन कार्ड में कुछ संशोधन किए गए हैं। वाहनों के कैरियर को लेकर मुख्यालय में एक कमेटी बनाई गई है। कमेटी ही इस बारे में निर्णय ले पाएगी।

शीशे पर रूट का नाम लिखा तो कटेगा चालान:
बस चालकों की मांग थी कि टैक्सियों से घर से सवारियां उठाई जा रही हैं जो नियमों के विपरीत है। टैक्सियों के आगे और पीछे जगह का नाम (वहां से वहां तक) लिखा रहता है। साथ ही मोबाइल नंबर लिखा रहता है जो कि गलत है। आरटीओ प्रशासन ने एआरटीओ (प्रवर्तन) ऋषिकेश को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। टैक्सी चालकों ने आईएसबीटी से रात में पर्वतीय मार्गों पर दूसरे जिलों की टैक्सियों के संचालन की शिकायत की।

निजी वाहनों से सवारी ढोई तो खैर नहीं:
गढ़वाल टैक्सी यूनियन के पूर्व सचिव बिजेंद्र कंडारी ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान दूसरे राज्यों से प्राइवेट कारों से सवारियां ढोई जाती है। आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने एआरटीओ प्रवर्तन ऋषिकेश को ऐसे वाहनों को सीज करने और इन्हें कमर्शियल वाहनों के रूप में पंजीकृत करवाने के निर्देश दिए।(साभार एजेंसी)

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