(देहरादून)17फरवरी,2026.
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किए जाने के लिए प्रभावी और विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सचिव पर्यटन को उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद के स्तर पर टिहरी झील एवं उसके समीपवर्ती क्षेत्रों के समग्र पर्यटन विकास हेतु अवस्थापना सुविधाओं के क्रियान्वयन से पूर्व विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
सचिवालय में आयोजित बैठक में पर्यटन विकास परिषद द्वारा टिहरी लेक प्रोजेक्ट के अंतर्गत सतत, समावेशी एवं जलवायु अनुकूल पर्यटन विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि टिहरी लेक को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में शामिल किया जाए। उन्होंने संपूर्ण मास्टर प्लान तैयार करने के लिए अनुभवी कंसल्टेंट की नियुक्ति करने और उसी अनुरूप विभागीय कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
मुख्य सचिव ने टिहरी लेक के चारों ओर प्रस्तावित रिंग रोड निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि रिंग रोड के साथ कम से कम दो हेलीपैड विकसित किए जाएं। साथ ही टिहरी लेक में प्रस्तावित सी-प्लेन योजना को भी समन्वित रूप से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं को शीघ्र क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि टिहरी झील को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए यहां विश्व स्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का विकास अनिवार्य है। लोक निर्माण विभाग को रिंग रोड निर्माण में गति लाने के निर्देश देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके पूर्ण होने से क्षेत्र में अन्य विकास योजनाओं को भी बल मिलेगा।
बैठक में ऋषिकेश, मुनि की रेती तथा लोहाघाट (चम्पावत) के पर्यटन विकास से जुड़े प्रस्तावों को भी शीघ्र तैयार कर मास्टर प्लान के साथ भारत सरकार को समयबद्ध तरीके से भेजने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सचिव श्री दिलीप जावलकर, श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव श्री अभिषेक रोहेला, श्री गिरधारी सिंह रावत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।(साभार एजेंसी)
