ट्रैकिंग-पर्वतारोहण के एकीकृत नीति निर्माण हेतु शीघ्रता के निर्देश

Uttarakhand News

(देहरादून)7जनवरी,2026.

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इको टूरिज्म की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में कहा कि ट्रैकिंग (लंबी पैदल यात्रा) और पर्वतारोहण के लिए एकीकृत नीति को दस दिनों में अंतिम रूप देकर शासन को उपलब्ध कराएं। इस नीति काे तैयार करते समय सभी हितधारकों के साथ वार्ता करें, जिससे व्यावहारिक समस्याओं से बचा जा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि नई चोटियां खोले जाने के लिए पर्यावरण ऑडिट सहित अन्य सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी ली जाएं। इसके लिए एसओपी भी जारी की जाए। प्रदेश में इको टूरिज्म की संभावनाओं को तलाशते हुए ऐसे स्पॉट चिह्नित कर विकसित किया जाए जो इको टूरिज्म के लिए इको सिस्टम तैयार करे। चौरासी कुटिया के जीर्णाेद्धार का कार्य जल्द पूरा किया जाए। इसके लिए कार्यदायी संस्था हर कार्य के लिए समय तय करे फिर लक्ष्य में तय समय सीमा में काम किया जाए।

जबरखेत मॉडल को अन्य चिन्हित इको टूरिज्म स्थलों पर भी लागू करें

मुख्य सचिव ने कहा कि इको टूरिज्म के लिए जबरखेत मॉडल को अन्य चिह्नित इको टूरिज्म स्थलों पर भी लागू किया जाए। इसके अलावा सभी डीएफओ को लक्ष्य दिया जाए कि वह अपने क्षेत्र में कैसे इको टूरिज्म को विकसित कर सकते हैं। अधिकारी 10 चिह्नित स्थान का प्लान एक माह में तैयार करके शासन को को भेजें। ईको टूरिज्म की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक हर महीने की जाए। साथ ही प्रदेशभर में पर्यटन के लिए फॉर्मल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करें और प्रशिक्षण के बाद प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाए। प्रशिक्षण प्रमाणीकरण के लिए पर्यटन विभाग को जिम्मेदारी दी जाए।

वन क्षेत्र के अंतर्गत पर्यटन गतिविधियों के संचालन के लिए एक तय व्यवस्था बनाई जाए। इसके संचालन की जिम्मेदारी इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड को दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि इसका गठन ही इसी उद्देश्य से किया गया है। सीएस ने ईटीडीबी के लिए नया हैड खोले जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे यूटीडीबी की तरह ईटीडीबी को भी बजट दिया जा सकेगा। इको टूरिज्म साइट्स के इको टूरिज्म डेवेलपमेंट बोर्ड के माध्यम से संचालन के लिए जल्द ही एमओयू करने को भी निर्देश दिए।(साभार एजेंसी)

Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *