डेढ़ दर्जन राजकीय महाविद्यालयों को मिले स्थाई प्राचार्य

Uttarakhand News

(देहरादून)30अक्टूबर,2025.

उत्तराखंड उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित डेढ़ दर्जन राजकीय महाविद्यालयों को स्थायी प्राचार्य मिल गए हैं। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुमोदन के उपरांत पदोन्नत प्राचार्यों को उनके नवीन तैनाती स्थलों पर नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं।

राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्य की नियुक्ति से प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों में तेजी आने के साथ-साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सीधा लाभ मिलेगा।

राज्य सरकार द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों को सुदृढ़ बनाने और राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग एवं NAAC मूल्यांकन में बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में स्थायी प्राचार्यों की तैनाती को प्राथमिकता दी जा रही है।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि विभागीय स्तर पर प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के पदोन्नति प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान कर स्नातक प्राचार्य पद पर पदोन्नति दी गई है। शासन स्तर से इन सभी के पदोन्नति आदेश जारी कर नवीन कार्यस्थल भी आवंटित कर दिए गए हैं।

पदोन्नत प्राचार्यों की तैनाती सूची के अनुसार — सुश्री प्रीति त्रिवेदी को राजकीय महाविद्यालय पतलोट (नैनीताल), सुरेश चन्द्र मंमगाई को पौखाल (टिहरी गढ़वाल), डॉ. शैराज अहमद को तलवाड़ी (चमोली), डी.एन. तिवारी को गरुड़ (बागेश्वर), डॉ. बचीराम पंत को मंगलौर (हरिद्वार), सुश्री प्रणीता नंद को नरेंद्रनगर (टिहरी), डॉ. मृत्युंजय कुमार शर्मा को त्यूणी (देहरादून), डॉ. सीमा चौधरी को गरुड़ाबांज (अल्मोड़ा), पुष्कर सिंह बिष्ट को जसपुर (ऊधमसिंह नगर), जयचन्द्र कुमार को काण्डा (बागेश्वर), डॉ. अरविंद सिंह को उफरैंखाल (पौड़ी), डॉ. मुकेश कुमार को नैनबाग (टिहरी), डॉ. राधेश्याम गंगवार को थत्यूड़ (टिहरी), डॉ. कमरूद्दीन को लमगड़ा (अल्मोड़ा), डॉ. कल्पनाथ सिंह यादव को नैनीडांडा (पौड़ी), डॉ. विद्या शंकर शर्मा को घाट (चमोली), डॉ. हरीश चन्द्र को कण्वघाटी (कोटद्वार) और डॉ. नर्वदेश्वर शुक्ल को देवप्रयाग (टिहरी गढ़वाल) में स्नातक प्राचार्य के पद पर पदोन्नति दी गई है।

इन सभी प्राचार्यों को एक सप्ताह के भीतर नवीन तैनाती स्थल पर योगदान देना अनिवार्य होगा और इसकी सूचना शासन को उपलब्ध करानी होगी। पदोन्नति का परित्याग करने पर फोरगो नियमावली के तहत कार्रवाई की जाएगी।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व गुणवत्तापरक बनाने के लिए प्राचार्यों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कार्मिकों के रिक्त पदों को लगातार भरा जा रहा है। इसी क्रम में डेढ़ दर्जन महाविद्यालयों में स्थायी प्राचार्यों की तैनाती की गई है। इससे महाविद्यालयों के प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और शैक्षणिक गतिविधियों में गुणात्मक सुधार होगा।

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