(देहरादून)07मई,2026.
उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालयों एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों में अब उत्तर-पुस्तिकाओं का ऑन-स्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित बनेगी तथा परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो सकेंगे।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि शासन स्तर से सभी राज्य विश्वविद्यालयों को वर्तमान सेमेस्टर (जनवरी 2026) से ऑन-स्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे उत्तर-पुस्तिकाओं के भौतिक परिवहन का खर्च कम होगा और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
उन्होंने बताया कि पारंपरिक मूल्यांकन प्रणाली में पारदर्शिता की कमी, पुनर्मूल्यांकन में देरी तथा उत्तर-पुस्तिकाओं के सुरक्षित संरक्षण जैसी समस्याओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नई डिजिटल प्रणाली में मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटेड होगी, जिससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम होगा और कार्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
डॉ. रावत ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों पर परीक्षा कार्यों का दबाव बढ़ा है। डिजिटल मूल्यांकन से शिक्षक अपने शिक्षण संस्थानों से ही उत्तर-पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर सकेंगे, जिससे नियमित शिक्षण कार्य भी प्रभावित नहीं होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहने से भविष्य में पुनर्मूल्यांकन से जुड़ी समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सकेगा। नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विश्वविद्यालयों को आवश्यक तकनीकी संसाधन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।(साभार)
