(देहरादून)03अक्टूबर,2025.
उत्तराखंड सचिवालय में शुक्रवार को सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा बैठक के दौरान जब एक प्रकरण मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में आया तो उन्होंने कड़ी नाराज़गी जताई। मुख्यमंत्री ने सचिव आईटी और सचिव उच्च शिक्षा को एक सप्ताह में मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और संबंधित अधिकारी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी को एक सप्ताह के भीतर डिग्री उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि छात्र-छात्राओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में हेल्प डेस्क बनाई जाए। सेवा के अधिकार के तहत दी जाने वाली सेवाओं को कार्यालयों के डिस्प्ले बोर्ड पर अंकित किया जाए। बिजली, पानी, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए। संबंधित अधिकारी अपने कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर यह उल्लेख करें कि वे किस दिन समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध रहेंगे।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से सीधे बात कर उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं का प्राथमिकता पर समाधान करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि सभी जिलाधिकारी हर सप्ताह, सचिवगण माह में दो बार और मुख्य सचिव महीने में एक बार सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करें। तीन माह से अधिक लंबित मामलों को अभियान चलाकर निस्तारित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारियों को नियमित जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित करने होंगे। शिकायतों का समय सीमा में निस्तारण न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आपदा से क्षतिग्रस्त लाइनों और सुरक्षा दीवारों के कार्यों को प्राथमिकता पर कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समस्या का समाधान तभी माना जाएगा जब शिकायतकर्ता पूर्ण रूप से संतुष्ट होगा।
निर्देश दिए गए कि प्रत्येक माह की 5 तारीख तक सभी विभाग अपनी स्थिति रिपोर्ट सीएम कार्यालय में प्रस्तुत करें। निदेशक आईटीडीए श्री गौरव कुमार ने बैठक में हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण की जानकारी दी। बताया गया कि सबसे अधिक शिकायतें पेयजल, गृह विभाग और ऊर्जा से संबंधित मिल रही हैं।
बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिवगण, विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।
