(पिथौरागढ़ )28अगस्त,2025.
उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे “ड्रग फ्री देवभूमि” अभियान के तहत पिथौरागढ़ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कोतवाली धारचुला पुलिस, एसओजी और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक नेपाली तस्कर को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से 2 किलो 300 ग्राम चरस और 175 ग्राम भालू की पित्त बरामद की गई। बरामद माल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
जानकारी के मुताबिक एसपी पिथौरागढ़ श्रीमती रेखा यादव के निर्देशन में जनपद पुलिस नशा तस्करों और अवैध कारोबार पर लगातार शिकंजा कस रही है। बीती देर रात सीओ गोविन्द बल्लभ जोशी और सीओ के.एस. रावत के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली धारचुला हरेन्द्र सिंह नेगी और प्रभारी एसओजी प्रकाश पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस, एसओजी और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चौकी गलाती पुल के पास चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान धारचुला की ओर आ रहा एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन टीम ने उसे दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से भारी मात्रा में चरस और भालू की पित्त बरामद हुई, जिसे वह बेचने के लिए पिथौरागढ़ ले जा रहा था।
गिरफ्तार तस्कर की पहचान सूर्य बहादुर बुढ़ाथोकी पुत्र चन्द्र बहादुर बुढ़ाथोकी निवासी सर्मी गांव, वार्ड नंबर-1, जिला डोल्पा (नेपाल) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ कोतवाली धारचुला में धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट और 40/49/50/51 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
बरामदगी में 2 किलो 300 ग्राम अवैध चरस शामिल है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 4.60 लाख रुपये बताई जा रही है। वहीं 175 ग्राम भालू की पित्त की कीमत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई नशा और वन्यजीव तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान का हिस्सा है और आगे भी इस प्रकार की कार्रवाइयां जारी रहेंगी।
