(नई दिल्ली)03जून,2026
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के गठन के साथ बुधवार को डीके शिवकुमार ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान शिवकुमार ने हाथ में संविधान की प्रति लेकर पद और गोपनीयता की शपथ ली। वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी. परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण ली। राज्यपाल ने दोनों नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के अलावा मंत्रिपरिषद के विस्तार के तहत 12 अन्य नेताओं को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जा रही है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया का नाम भी शामिल है। सिद्धारमैया ने 28 मई को सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।
30 मई को बंगलूरू में कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की गई। जिसमें उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले सिद्धारमैया ने उनके नाम प्रस्ताव रखा गया था। इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिसके बाद आज शिवकुमार ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली।
कैसे हुई राजनीति की दुनिया में एंट्री?
डीके शिवकुमार ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1980 के दशक की शुरुआत में एक छात्र नेता के तौर पर की थी। 1979 में जब देवराज उर्स और उनके समर्थक कांग्रेस पार्टी छोड़कर चले गए थे, तब शिवकुमार ने एक छात्र नेता के रूप में कांग्रेस में अपनी पैठ बनाई और पार्टी में अपनी जगह बनाने में सफल रहे। 1985 में अपने पहले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन एनएसयूआई ने उन्हें छात्र चुनाव का टिकट देने से इनकार कर दिया था। इसी दौरान भाजपा नेता अनंत कुमार ने भी उन्हें अपनी छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में शामिल करने का असफल प्रयास किया था।उन्होंने अपना पहला विधानसभा चुनाव 1985 में साठनूर सीट से दिग्गज नेता एचडी देवेगौड़ा के खिलाफ लड़ा था, लेकिन इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद, 1989 में महज 27 वर्ष की आयु में उन्होंने मैसूरु जिले के साठनूर निर्वाचन क्षेत्र से अपनी पहली चुनावी जीत हासिल की और विधायक चुने गए।(साभार एजेंसी)
