(देहरादून)20जुलाई,2026.
उत्तराखंड सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को तेज करने का फैसला किया है। विद्यालयी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने निर्देश दिए कि राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों में एनईपी के प्रावधानों को शत-प्रतिशत लागू किया जाए।
सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में मंत्री ने कहा कि सभी राजकीय शिक्षण संस्थानों को NAAC (नैक) मान्यता के लिए आवेदन करना होगा, जबकि दून विश्वविद्यालय और कुमाऊं विश्वविद्यालय इस वर्ष NIRF (राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क) के लिए आवेदन करेंगे।
बैठक में सभी विश्वविद्यालयों और राजकीय महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की 100 प्रतिशत APAAR ID बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा सभी शैक्षणिक प्रमाणपत्र डिजिलॉकर के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
डॉ. रावत ने पाठ्यक्रमों के उन्नयन, क्रेडिट ट्रांसफर, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम, बहुविषयक शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने विश्वविद्यालयों में 180 दिन तथा प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में 220 दिन कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करने और सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग और एससीईआरटी ने एनईपी-2020 के क्रियान्वयन की प्रगति प्रस्तुत की। जानकारी दी गई कि एनईपी ट्रैकर के तहत राज्य को मिले 202 कार्यों में से 71 पूरे हो चुके हैं, 111 पर कार्य जारी है, जबकि 20 कार्यों पर अभी शुरुआत होनी बाकी है।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, विश्वविद्यालयों के कुलपति और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।(साभार)
