(हरिद्वार)17जुलाई,2026
आगामी 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले कांवड़ मेला-2026 के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण संचालन को लेकर उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तराखण्ड सहित उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भाग लेकर साझा कार्ययोजना पर मंथन किया।
बैठक में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल, संचार व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा राज्यों के बीच समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि कांवड़ मेले के दौरान संबंधित राज्यों के बीच रियल-टाइम सूचना आदान-प्रदान, साझा सर्विलांस व्यवस्था तथा उत्तराखण्ड की सीमाओं पर संयुक्त चेकपोस्ट और बैरियर स्थापित किए जाएंगे।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि कांवड़ यात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है और इसकी सफलता सभी राज्यों एवं एजेंसियों के प्रभावी समन्वय पर निर्भर करती है। उन्होंने यात्रा अवधि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा के प्रवेश बिंदुओं पर श्रद्धालुओं को दिशा-निर्देश, सुरक्षा मानकों और प्रतिबंधों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए। सभी कांवड़ यात्रियों को वैध पहचान पत्र साथ रखने के लिए प्रेरित किया जाए तथा घातक हथियार और प्रतिबंधित सामग्री के साथ यात्रा में प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) का उपयोग कांवड़ यात्रा के लिए नहीं किया जाएगा। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को आवश्यक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने सोशल मीडिया की सतत निगरानी पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल तथ्यात्मक खंडन किया जाए। इसके लिए सभी राज्यों के सोशल मीडिया सेल और साइबर इकाइयों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों को विशेष ट्रेनों के संचालन, स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और पर्याप्त होल्डिंग एरिया विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सेवाओं, पार्किंग, साइनेज और डायवर्जन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना) अभिनव कुमार, सचिव गृह शैलेश बगौली, हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने कांवड़ मेला-2026 की तैयारियों की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि 31 जुलाई से 4 अगस्त तक पंचक, जबकि 8 अगस्त से डाक कांवड़ का सबसे अधिक भीड़ वाला चरण शुरू होगा, जिसके लिए विशेष सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की व्यापक तैयारियां की गई हैं। बैठक में विभिन्न केंद्रीय सुरक्षा बलों, भारतीय रेलवे और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सहभागिता की।(साभार)
