(देहरादून)11जुलाई,2026
राज्य के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शनिवार को राजीव गांधी नवोदय विद्यालय स्थित वर्चुअल स्टूडियो से राज्यव्यापी “बीज बम” अभियान का शुभारंभ किया। पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय फलदार वृक्षों के संवर्धन, जैव विविधता के संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रदेश के 1,050 से अधिक विद्यालयों में किया गया, जिसमें एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया।
डॉ. रावत ने कहा कि “बीज बम” अभियान केवल वृक्षारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रत्येक छात्र द्वारा कम से कम दो बीज बम तैयार कर उपयुक्त स्थानों पर रोपित करने और अपने परिवार व समाज को भी इस अभियान से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय फलदार प्रजातियों के बीजों के उपयोग से हरित आवरण बढ़ेगा, वन्यजीवों को प्राकृतिक आवास में पर्याप्त भोजन मिलेगा और मानव-वन्यजीव संघर्ष में भी कमी आएगी।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता और सामुदायिक सहभागिता विकसित करने का प्रयास है। उन्होंने अधिकारियों को 16 जुलाई को हरेला पर्व के अवसर पर प्रदेशभर के सभी विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और विभागीय कार्यालयों में व्यापक स्तर पर “बीज बम” अभियान चलाने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को जलवायु परिवर्तन, वन संरक्षण और पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। साथ ही भविष्य में विशेषज्ञों के व्याख्यानों के माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति, लोक परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर भी जागरूकता बढ़ाने की घोषणा की गई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने उत्तराखंड को अधिक हरित, समृद्ध और पर्यावरण-अनुकूल राज्य बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद सिमल्टी, बेसिक शिक्षा निदेशक कुंवर सिंह रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून गोविंद जायसवाल, हिमालय पर्यावरण जड़ी-बूटी एग्रो संस्थान (जाड़ी), उत्तरकाशी के संस्थापक द्वारिका प्रसाद सेमवाल सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि एवं प्रदेशभर के विद्यालयों से वर्चुअल माध्यम से जुड़े एक लाख से अधिक छात्र-छात्राएं और शिक्षक उपस्थित रहे(साभार सू वि)
