(देहरादून)03जुलाई,2026.
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त अजय के. मेहरा ने शुक्रवार को देहरादून स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तराखंड क्षेत्र की उपलब्धियों, नई डिजिटल पहलों और सदस्य हित में किए गए महत्वपूर्ण सुधारों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में वर्तमान में 9,744 अंशदायी प्रतिष्ठान तथा 7,74,377 से अधिक अंशदायी सदस्य ईपीएफओ से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी दावों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जा रहा है और क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून हितधारकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
अजय के. मेहरा ने क्षेत्रीय कार्यालय की “संवेदना” सेल की विशेष सराहना करते हुए कहा कि यह पहल कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) के तहत प्राप्त मृत्यु दावों के त्वरित, संवेदनशील और त्रुटिरहित निस्तारण के लिए शुरू की गई है। इसकी सफलता को देखते हुए अब इस मॉडल को पूरे जोन में लागू किया जाएगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) की जानकारी देते हुए बताया कि ₹99,446 करोड़ की इस योजना का उद्देश्य रोजगार सृजन को बढ़ावा देना, युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ना और सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना है। योजना के तहत दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने का अनुमान है, जिनमें करीब 1.92 करोड़ प्रथम बार औपचारिक कार्यबल में शामिल होने वाले युवा लाभान्वित होंगे। यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक सृजित रोजगारों पर लागू होगी।
प्रेस वार्ता में उन्होंने ईपीएफ की आंशिक निकासी संबंधी नियमों को सरल और उदार बनाए जाने की भी जानकारी दी। अब शिक्षा के लिए 10 बार तथा विवाह के लिए 5 बार आंशिक निकासी की अनुमति होगी। साथ ही सभी प्रकार की आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 12 माह कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इन बदलावों का उद्देश्य सदस्यों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए बेहतर सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने ईपीएफओ की नई CITES (Centralised IT Enabled System) प्रणाली की जानकारी देते हुए कहा कि यह डिजिटल व्यवस्था दावों के निस्तारण को तेज, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाएगी। शिकायतों के समयबद्ध समाधान, लंबित मामलों के निस्तारण और त्वरित भुगतान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
इस अवसर पर वेल्हम बॉयज़ स्कूल, देहरादून के वर्षों से लंबित EDLI Exemption प्रकरण का सफलतापूर्वक निस्तारण भी किया गया। अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने विद्यालय की प्राचार्य संगीता कैन को EDLI Exemption Order सौंपा।
प्रेस वार्ता में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-Ⅰ वी.वी.बी. सिंह, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-Ⅱ उदित साह, मोहम्मद जैद, सहायक भविष्य निधि आयुक्त संतोष कुमार तथा राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।(साभार सू वि)
