(देहरादून)03जुलाई,2026
उत्तराखंड राज्य की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक समयबद्ध ढंग से पहुंचना चाहिए।
बैठक में आंगनबाड़ी सेवाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों का प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से वजन किया जाए, ताकि कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की समय रहते पहचान कर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ देकर सामान्य श्रेणी में लाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली स्वीकार नहीं की जाएगी।
रेखा आर्या ने फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के माध्यम से वितरित किए जा रहे टेक होम राशन (टीएचआर) की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोषाहार वितरण का पूरा विवरण एफआरएस ट्रैकर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए, जिससे राज्य का प्रदर्शन बेहतर हो और केंद्र सरकार से योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की चुनाव संबंधी ड्यूटी लगी हुई है। इसके बावजूद यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी कार्यकत्रियां प्रतिदिन कम से कम एक घंटे के लिए अपने आंगनबाड़ी केंद्रों में उपस्थित होकर विभागीय कार्यों का संचालन करें।
मंत्री ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों के आधार कार्ड और आभा आईडी एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से तैयार कराई जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में रिक्त 438 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा 2,773 सहायिकाओं सहित कुल 3,211 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि केंद्रों का संचालन सुचारु रूप से हो सके।
रेखा आर्या ने चेतावनी दी कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव चन्द्रेश कुमार यादव, निदेशक बी.एल. राणा सहित शासन स्तर के अधिकारी तथा सभी जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे(साभार सू वि)
