नेपाल ने लगाया भारतीय आम पर प्रतिबंध

National News

(नई दिल्ली)10जून,2026.

नेपाल सरकार ने भारतीय आम के आयात पर पूरी तरह रोक लगा दी है.नेपाल सरकार के अधिकारियों के हवाले से न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि यह फैसला आम में ज्यादा मात्रा में कीटनाशक पाए जाने और सीमा क्षेत्रों खासकर मधेश प्रांत में क्वारंटाइन सुविधा न होने के कारण लिया गया है.इस प्रतिबंध के बाद नेपाल के स्थानीय बाजार अब पूरी तरह नेपाल में ही उगाए गए आमों से भर गए हैं. गर्मियों के मौसम में आम की काफी मांग होती है. नेपाल में आम का उत्पादन मध्य मई से मध्य जुलाई तक ही होता है.

नेपाल के किसानों को हो रहा लाभ
मधेश प्रांत के भूमि प्रबंधन, कृषि और सहकारिता मंत्रालय के सूचना अधिकारी अजय ज्ञवाली ने बताया कि भारतीय आम पर लगे इस प्रतिबंध से स्थानीय किसानों को अच्छा फायदा हुआ है. अब उन्हें भारतीय आम से मुकाबला नहीं करना पड़ रहा है. इससे स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिला है, जो एक सकारात्मक कदम है. ज्ञवाली ने कहा कि सिराहा, सप्तरी और धनुषा जिले मधेश प्रांत में आम के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि पूरे देश की मांग को पूरा करने के लिए नेपाल का घरेलू उत्पादन पर्याप्त नहीं हो सकता है.

लेकिन आम के दाम बढ़ने का खतरा
रिपोर्ट में जानकीपुरधाम के फल और सब्जी व्यापारियों संघ के महासचिव भुवनेश्वर पुरवे के हवाले से बताया गया है कि भारतीय आम के आयात पर रोक लगने से घरेलू बाजार में आम की कमी हो सकती है. उन्होंने सरकार से अपील की है कि क्वारंटाइन व्यवस्था को मजबूत करके गुणवत्ता की जांच के बाद भारतीय आम को आने दिया जाए. पूरी तरह बैन लगाना सही नहीं है. स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि नेपाल में आम का उत्पादन सिर्फ दो महीने तक ही सीमित है. साल भर की मांग पूरी करने के लिए भारतीय आम का आयात जरूरी है.

पिछले साल भारतीय केले पर लगा बैन
काठमांडू में फिलहाल आम की कीमत 100 से 150 रुपए प्रति किलो है. व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर भारतीय आम से बैन नहीं हटाया गया तो आने वाले दिनों में आम और भी महंगे हो सकते हैं. पिछले साल नेपाल में भारतीय केले पर भी आयात रोक लगाई गई थी. उसके बाद केले की कीमत 120-150 रुपए दर्जन से बढ़कर अब 250-300 रुपए दर्जन तक पहुंच गई है. आम उपभोक्ता इस बढ़ी हुई कीमत से काफी परेशान हैं.

जापान भी लगा चुका है भारतीय आम पर बैन
यह फैसला जापान के बाद नेपाल द्वारा भारतीय आम पर दूसरा बड़ा झटका है. इससे नेपाल के स्थानीय किसानों को फायदा तो हो रहा है, लेकिन आम की उपलब्धता और कीमत को लेकर चिंता बढ़ गई है. वहीं भारत के फल उत्पादक किसानों के लिए यह दोहरा झटका है. हाल ही में जापान ने भी इन्हीं कारणों का हवाला देकर भारतीय आमों के आयात को प्रतिबंधित किया था. उसके बाद अब नेपाल ने भी पूरी तरह रोक लगा दी है. यह भारत से आम के निर्यात को प्रभावित करेगा.(साभार एजेंसी)

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