(नई दिल्ली)24मई,2026.
भारत में आम सीजन का आगाज हो चुका है। लेकिन, हजारों किलोमीटर दूर जापान ने इस बार भारत से आम मंगाने पर रोक लगा दी है। बीते मार्च महीने के दौरान जापानी अधिकारियों ने भारत के ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा किया था। इस दौरान उन्हें आमों को साफ करने और कीटाणु मारने की प्रक्रिया में कमी दिखी, जिसके बाद जापान ने भारत से आम आयात पर रोक लगाई।
जानकारों का कहना है कि जापान में आम की कई भारतीय किस्मों को पसंद किया जाता है, इनमें केसर, हापुस, लंगड़ा जैसी किस्मों शामिल है। लेकिन, इस प्रतिबंध से आमों को निर्यात रुक गया है। केंद्र की तरफ से मामले पर कोई बयान सामने नहीं आया है। एक आशंक यह है कि चालू आम सीजन में मामले का समाधान नहीं होगा।
जापान के कृषि मंत्रालय के साथ काम करने वाली करने वाली योकोहामा प्लांट प्रोटेक्शन एसोसिएशन ने अपने 31 मार्च को जारी किए गए बयान में कहा था कि भारत द्वारा 25 मार्च, 2026 या उसके बाद जारी किए गए जांच प्रमाणपत्रों वाले आमों की खेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा। जापानी भाषा में जारी इस बयान में कहा गया है कि जब तक अधिकारी इस बात से संतुष्ट नहीं हो जाते कि भारत में काम करने के मानकों में सुधार हुआ है, तब तक भारतीय ताजे आमों का आयात निलंबित रहेगा।
15.4 लाख डॉलर के ताजे और प्रोसेस्ड आम उत्पाद बेचे थे
भारत के लिए जापान का आम बाजार काफी छोटी है। भारत के टॉप 10 आम निर्यात देशों में जापान शामिल नहीं है। लेकिन, बीते साल भारत ने जापान को करीब 15.4 लाख डॉलर के ताजे और प्रोसेस्ड बेचे थे। इस कुल खेप में सबसे बड़ा हिस्सा गुजरात के केसर आम का था, जिसका निर्यात 2 लाख डॉलर था।
निर्यातकों का कहना है कि जापान की रोक उन्हें नुकसान पहुंचा रही है। लेकिन, सबसे बड़ी चिंता अमेरिका से जुड़ी है। इस चिंता के पीछे हवाई मालभाड़े में भारी बढ़ोतरी है। यह भाड़ा अब बढ़कर 580-590 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है। वहीं, पिछले साल अमेरिका को माल भेजने का किराया 250-350 रुपये प्रति किलो था। निर्यातकों का कहना है कि भारतीय अधिकारी जापानी अधिकारियों के साथ मानकों को पूरा करने के लिए बातचीत कर रहे हैं।
अमेरिका और यूएई भारतीय आम के बड़े बाजार
आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में ताजे, पल्प (गूदे) और प्रसंस्कृत उत्पादों के मामले में भारत के शीर्ष पांच आम निर्यात बाजार अमेरिका, यूएई (UAE), यूके (UK), नीदरलैंड और सऊदी अरब रहे हैं।(साभार एजेंसी)
