(देहरादून)17मई,2026
डेंगू एवं अन्य जल जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में स्वास्थ्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर डेंगू पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सक्रियता और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि डेंगू मरीजों के उपचार हेतु सभी अस्पतालों में रैपिड टेस्ट, डेंगू एलिसा टेस्ट, आवश्यक उपकरण, दवाइयां, ब्लड बैंक, बेड तथा चिकित्सकों एवं स्टाफ की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सा केंद्रों पर एलिसा टेस्टिंग किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बजट भी उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों में उपलब्ध मशीनों को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए तथा डेंगू जांच के लिए लैब की दरें निर्धारित की जाएं। कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि डेंगू का कोई भी मामला सामने आने पर पूरी मशीनरी तत्काल सक्रिय होनी चाहिए।
देहरादून एवं ऋषिकेश नगर क्षेत्रों में आशा कार्यकत्रियों को वार्डवार जिम्मेदारी देने, डोर-टू-डोर सर्वे कराने, रैपिड रिस्पांस टीम एवं वॉलिंटियर्स की तैनाती के लिए माइक्रो प्लान तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया एवं अन्य जल जनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है।
जिलाधिकारी ने कहा कि विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी आशा कार्यकत्रियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। एनएचएम से एक हजार रुपये, नगर निगम से 1500 रुपये तथा जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त 1500 रुपये इंसेंटिव दिए जाएंगे।
बैठक में स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने पर भी विशेष जोर दिया गया। डीएम ने निर्देश दिए कि डेंगू एवं जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए सभी स्कूलों को एडवाइजरी जारी की जाए तथा बच्चों के लिए फुल बाजू की ड्रेस अनिवार्य की जाए। नगर निगम एवं नगर पालिकाओं के कूड़ा संग्रहण वाहनों के माध्यम से डेंगू जागरूकता संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को नगर निगम, पेयजल, शिक्षा, एमडीडीए, आईएमए, कृषि, वन, मत्स्य, कंटेनमेंट बोर्ड, लोक निर्माण विभाग एवं आईसीडीएस सहित सभी विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए डेंगू रोकथाम के समुचित उपाय सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने नगर निगम को रिस्पना एवं बिंदाल नदी तटों सहित शहर के सभी छोटे-बड़े नालों और ड्रेनों की सफाई शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। डेंगू हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष फोकस करते हुए पर्याप्त संख्या में वॉलिंटियर्स तैनात करने तथा नियमित लार्विसाइड छिड़काव एवं फॉगिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जलभराव रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने तथा गंदगी, जलभराव एवं डेंगू लार्वा पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करते हुए भारी चालान काटने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि बंजारावाला, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, क्लेमेंटाउन, राजस्थानी बस्ती एवं कार्गी क्षेत्र मच्छर प्रजनन के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र हैं। वर्ष 2023 में जिले में डेंगू के 1201 मामले सामने आए थे, जिनमें 13 लोगों की मृत्यु हुई थी। वर्ष 2024 में केवल 37 मामले दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2025 में 785 मामले सामने आए, हालांकि किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई। इस वर्ष अब तक डेंगू के पांच मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन बाहरी राज्यों से संबंधित बताए गए हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. निधि रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौंडियाल, नगर निगम एवं नगर पालिका के अधिकारी, आशा कार्यकत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।(साभार)
