(देहरादून)26अप्रैल,2026.
जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत उत्तराखंड में 25 अप्रैल से 24 मई 2026 के बीच मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाना है. जिसके दृष्टिगत जनगणना कार्य निदेशालय और उत्तराखंड शासन तैयारियों में जुटा हुआ है. हालांकि, 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक उत्तराखंड में स्वगणना की प्रक्रिया चली है. इसके बाद, 25 अप्रैल से मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य शुरू हो गया है. हालांकि, इस दौरान, उत्तराखंड के सभी क्षेत्रों के साथ ही राज्य में मौजूद स्नो बाउंड 131 गांव और तीन नगर पंचायतों में भी जनगणना के पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं गणना की जाएगी।
दरअसल, उत्तराखंड में जनगणना के पहले चरण के तहत सभी क्षेत्रों में मकान सूचीकरण एवं मकान की गणना का कार्य एक साथ किया जाएगा. इसके बाद देश भर के स्नो बाउंड क्षेत्रों (हिम आच्छादित क्षेत्रों) में जनसंख्या की गणना का कार्य 11 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच किया जाएगा। इसी क्रम में उत्तराखंड के चार जिलों में 131 गांव और 3 नगर पंचायतें ऐसी हैं जो स्नो बाउंड की श्रेणी में रखे गए हैं. जहां पर 11 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच जनसंख्या की गणना की जाएगी. जबकि प्रदेश के अन्य जिलों, इलाकों में जनगणना का कार्य दूसरे चरण फरवरी माह से शुरू होगा. बता दें कि साल 2011 में जनगणना के दौरान उत्तराखंड राज्य में स्नो बाउंड गांवों की संख्या 150 थी।
उत्तराखंड शासन सचिव जनगणना दीपक गैरोला के मुताबिक, वर्तमान समय में उत्तराखंड शासन ने प्रदेश के चार जिलों उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के 131 गांव और तीन नगर पंचायतों को स्नोबाउंड क्षेत्र माना है. हालांकि, इस संबंध में अभी कोई ऑफिशल नोटिफिकेशन जारी नहीं हुई है।
दरअसल, जनगणना के मद्देनजर उत्तराखंड जनगणना कार्य निदेशालय की ओर से उत्तराखंड राज्य के चिन्हित स्नो बाउंड क्षेत्रों के संबंध में नोटिफिकेशन जारी किए जाने के लिए भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त का कार्यालय को पत्र भेज दिया है. ऐसे में ओआरजीआई एंड सीसीआई की ओर से नोटिफिकेशन जारी होने के बाद इन सभी क्षेत्रों को स्नोबाउंड क्षेत्र घोषित हो जाएगा।
भारत के महापंजीयक की ओर से नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही इन सभी स्नोबाउंड क्षेत्रों में जनसंख्या की गणना का कार्य 11 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच किया जाएगा. उत्तराखंड राज्य में मौजूद स्नोबाउंड क्षेत्रों के आंकड़ों पर गौर करें तो, उत्तरकाशी जिले में 69 गांव और एक नगर पंचायत गंगोत्री है. इसी तरह, चमोली जिले में 23 गांव और एक नगर पंचायत बदरीनाथ, रुद्रप्रयाग जिले में चार गांव और एक नगर पंचायत केदारनाथ है. इसके अलावा, पिथौरागढ़ जिले में 35 गांव ऐसे हैं जो स्नो बाउंड क्षेत्र है. कुल मिलाकर प्रदेश के इन चार जिलों में 131 गांव और तीन नगर पंचायत स्नोबाउंड क्षेत्र हैं।(साभार एजेंसी)
