(देहरादून)15अप्रैल,2026
उत्तराखंड राज्य में स्कूल शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। विद्यालयी शिक्षा विभाग और कॉन्वजीनियस फाउंडेशन के बीच हुए अहम समझौते (एमओयू) के तहत अब उत्तराखण्ड में 50 ‘स्विफ्ट स्कूल’ स्थापित किए जाएंगे।
इन स्कूलों में पढ़ाई का तरीका पारंपरिक से अलग होगा—यहां डिजिटल तकनीक, डेटा आधारित शिक्षण और बच्चों की जरूरत के हिसाब से पढ़ाई पर खास जोर रहेगा। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि यह पहल नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप है, जिसमें शिक्षा को अधिक प्रभावी, आधुनिक और छात्र-केंद्रित बनाने पर फोकस किया गया है। ‘स्विफ्ट स्कूल’ मॉडल इसी सोच को जमीन पर उतारने की कोशिश है, जहां हर बच्चे की सीखने की क्षमता और उसकी कमजोरियों को ध्यान में रखकर पढ़ाई कराई जाएगी।
क्या होगा खास इन स्कूलों में? इन स्कूलों में कक्षाएं सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेंगी। स्मार्ट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा आधारित मॉनिटरिंग और टीचर्स को तकनीकी सहयोग मिलेगा। इससे शिक्षक यह समझ सकेंगे कि किस बच्चे को किस विषय में मदद की जरूरत है और उसी के अनुसार पढ़ाई का तरीका बदला जा सकेगा। बच्चों की लर्निंग गैप को समय रहते पहचान कर उसे दूर करने की व्यवस्था भी इसमें शामिल होगी।
सीएसआर से मिलेगा डिजिटल सपोर्ट इस पहल में कॉन्वजीनियस फाउंडेशन कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत अहम भूमिका निभा रहा है। फाउंडेशन, अमेजन वेब सर्विस के सहयोग से प्रदेश के छात्र-छात्राओं को 1000 लैपटॉप वितरित करेगा। इससे डिजिटल पढ़ाई को मजबूती मिलेगी और बच्चों को नई तकनीकों से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा।
किन जिलों में शुरू होंगे स्कूल? स्विफ्ट स्कूलों के लिए विभाग ने 50 स्कूलों का चयन कर लिया है। इनमें पौड़ी और चम्पावत के 19-19 स्कूल देहरादून और हरिद्वार के 6-6 स्कूल शामिल हैं।(साभार)
