पारादीप बंदरगाह पर ग्रीन हाइड्रोजन जेटी को मंजूरी

National News

(नई दिल्ली)28फरवरी,2026.

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्ल्यू) ने पारादीप बंदरगाह पर ग्रीन हाइड्रोजन, अमोनिया और अन्य तरल कार्गो के संचालन के लिए संबद्ध सुविधाओं सहित एक समर्पित जेटी के विकास को 797.17 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंजूरी दे दी है। यह परियोजना पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण द्वारा बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) आधार पर कार्यान्वित की जाएगी।

प्रस्तावित सुविधा की वार्षिक संचालन क्षमता 4 करोड़ टन होगी और इसे पारादीप बंदरगाह को हरित ऊर्जा कार्गो के केंद्र के रूप में मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस बुनियादी ढांचे में एक समर्पित जेटी, भंडारण प्रणाली, पाइपलाइन, संचालन उपकरण और संबंधित सुविधाएं शामिल होंगी।

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि यह मंजूरी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भविष्य के लिए तैयार हरित बुनियादी ढांचे के निर्माण के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

“यह मंजूरी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रेरणादायक और निर्णायक नेतृत्व का सीधा परिणाम है, जिन्होंने भारत को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित किया है। उनके मार्गदर्शन में, हमारे बंदरगाह हरित विकास, नवाचार और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स के प्रवेश द्वार के रूप में विकसित हो रहे हैं,” सर्बानंद सोनोवाल ने कहा।

जेट्टी के दोनों छोरों पर बने डॉल्फिन के बीच की दूरी 279 मीटर होगी और बर्थ के सामने 14.3 मीटर की गहराई तक गाद खोदी जाएगी ताकि तरल मालवाहक जहाजों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित हो सके।

निर्माण चरण के दौरान पारादीप पोर्ट अथॉरिटी परियोजना लागत के 20% के बराबर, यानी ₹159.43 करोड़ की पूंजीगत सहायता प्रदान करेगी। परियोजना के 24 महीनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि समर्पित ग्रीन हाइड्रोजन जेटी निर्यात लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने और ओडिशा के उभरते ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन केंद्रों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

सोनोवाल ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आत्मनिर्भर और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार भारत के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, हम विश्व स्तरीय बंदरगाह अवसंरचना का निर्माण कर रहे हैं जो राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन का समर्थन करती है। पारादीप परियोजना न केवल माल ढुलाई क्षमता बढ़ाएगी बल्कि निवेश को भी बढ़ावा देगी, रोजगार सृजित करेगी और पूर्वी भारत में एक मजबूत हरित ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करेगी।”

इस सुविधा में अन्य तरल कार्गो के संचालन के लिए भी प्रावधान होंगे ताकि ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र के प्रारंभिक विकास चरण के दौरान इष्टतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके और पारादीप बंदरगाह के कार्गो प्रोफाइल में विविधता लाई जा सके।

अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप है और इससे ओडिशा में हरित ऊर्जा अवसंरचना में निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा वस्तुओं के लिए बंदरगाह आधारित लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने की उम्मीद है।

प्रस्तावित जेटी में हरित ऊर्जा उत्पादों और अन्य तरल कार्गो के संचालन और भंडारण के लिए विशेष बुनियादी ढांचा और उन्नत सुरक्षा प्रणालियां शामिल होंगी, जो पारादीप बंदरगाह के आसपास एक एकीकृत हरित हाइड्रोजन पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में सहयोग करेंगी।(साभार एजेंसी)

Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *