(देहरादून)24फरवरी,2026
तीर्थनगरी ऋषिकेश में राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार 23 फरवरी से शुरू हुए इस तीन दिवसीय महाकुंभ में देश भर के नामी ज्योतिषाचार्य प्रतिभाग कर रहे हैं। इस आयोजन में ज्योतिष से संबंधित कई विषयों पर चर्चा और चिंतन किया जा रहा है।
हरिद्वार रोड स्थित जय राम आश्रम में आयोजित इस महाकुंभ में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ, जिसमें वर्तमान में ज्योतिष के सामने आ रही चुनौतियाँ, सोशल मीडिया के संदर्भ में ज्योतिष की स्थिति एवं अन्य कई विषय शामिल रहे।
कार्यक्रम का आयोजन काशी ज्योतिष संस्थान, रामनगर (वाराणसी) द्वारा किया गया है। महाकुंभ में देश के विभिन्न राज्यों से आए ज्योतिषाचार्यों, विद्वानों और साधकों ने भाग लेकर ज्योतिष विद्या के समक्ष उपस्थित चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के संस्थापक डॉ. आचार्य अंजन के मार्गदर्शन में आयोजित इस महाकुंभ में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एच.एस. रावत उपस्थित रहे। इस अवसर पर देश के जाने-माने ज्योतिषाचार्य डॉ. एच.एस. रावत ने कहा, “आजकल ज्योतिष पर ग्रहण काल चल रहा है। सोशल मीडिया पर जितने भी बिजनेस ऐप और बिना जानकारी के लाइक्स और व्यूज के लिए रील बनाकर डाली जा रही हैं, ये सब ज्योतिष के महत्व का विनाश कर रही हैं और समाज में भ्रम फैलाने का कार्य कर रही हैं, जो बेहद घातक है। मैं इसका घोर विरोधी हूं। इससे ज्योतिष को नुकसान हो रहा है।”
महाकुंभ के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों में वक्ताओं ने आधुनिक दौर में ज्योतिष के वैज्ञानिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ज्योतिष केवल भविष्य कथन की विद्या नहीं, बल्कि जीवन मार्गदर्शन का सशक्त माध्यम है। डिजिटल युग में इसके प्रचार-प्रसार और शोध की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
गौरतलब है कि इससे पूर्व ऐसे तीन सफल आयोजन वाराणसी और प्रयागराज में संपन्न हो चुके हैं, जबकि यह चौथा महाकुंभ ऋषिकेश की पावन भूमि पर आयोजित हुआ।
विशिष्ट अतिथियों में राममूर्ति, सरबजीत दल, संजय कुमार सिंह एवं गुरुमाता चेतना सहित अनेक गणमान्य व्यक्तित्व शामिल हुए। आयोजन समिति की ओर से सचिव श्रीमो भट्टाचार्य एवं अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। अन्य प्रमुख आयोजकों में मनील जैसवाल, सौरभ कुमार, राम नारायण मौर्य, अनिल सेठ, विभूति नारायण तिवारी और मनीष जी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
सत्र समापन के अवसर पर सभी ज्योतिषाचार्यों ने त्रिवेणी घाट पर आयोजित गंगा आरती में सहभागिता की और माँ गंगा का आशीर्वाद प्राप्त किया।(साभार)
