नौसेना की झांकी बनी नारी शक्ति की मिसाल

National News

(नई दिल्ली)26जनवरी,2026

कर्तव्य पथ पर नौसेना की झांकी में आईएनएस विक्रांत दिखाया गया। तो वहीं लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए और लेफ्टिनेंट कमांडर दिल.ना के नारी शक्ति की मिसाल पेश करते हुए झांकी का नेतृत्व किया।

गणतंत्र दिवस परेड 2026 में भारतीय सैन्य बलों ने कर्तव्य पथ पर दमदार प्रदर्शन किया। इस वर्ष गणतंत्र दिवस की परेड महिलाओं को समर्पित रही। एक ओर जहां सीआरपीएफ की पुरुष मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व एक महिला अधिकारी ने किया तो वहीं नौसेना की झांकी में भी महिला सशक्तिकरण और स्वदेशी ताकत की झलक देखने को मिली। नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के मुताबिक, गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में नेवल टेबल्यू महिला सशक्तिकरण, समान अवसर और स्वदेशी जहाज निर्माण दिखा।

कर्तव्य पथ पर नौसेना की झांकी में आईएनएस विक्रांत दिखाया गया। तो वहीं लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए और लेफ्टिनेंट कमांडर दिल.ना के नारी शक्ति की मिसाल पेश करते हुए झांकी का नेतृत्व किया।

इसके पहले दिलना के और रूपा ए उस समय चर्चा में आईं थी,जब पीएम मोदी ने मन की बात में नविका सागर परिक्रमा जैसी समुद्री महायात्रा का जिक्र किया था। दिलना ने पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा कि ये उपलब्धि व्यक्तिगत नहीं रही, बल्कि देश की प्रेरणा बन गई है। आइए जानते हैं कौन हैं लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के? क्या है गणतंत्र दिवस परेड में लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना की भूमिका।

रिपब्लिक डे परेड 2026 और नेवल टेबल्यू का संदेश

रिपब्लिक डे परेड 2026 का नेवल टेबल्यू तीन बड़े संदेश देगा, जिसकी आवाज दिलना जैसी अधिकारी हैं,
महिला सशक्तिकरण – नौसेना में महिलाएं अब भूमिका नहीं, नेतृत्व निभा रही हैं
समान अवसर – पुरुष और महिला, दोनों के लिए एक जैसे मानक
स्वदेशीकरण – भारत में बने युद्धपोत, आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति

लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना:

लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना (Lt Cdr Dilna K) भारतीय नौसेना की एक बहादुर महिला अधिकारी हैं, जिन्होंने देश और विश्व स्तर पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।

शुरुआती जीवन और नौसेना में प्रवेश

दिलना के का जन्म केरल के कोझिकोड में पैराम्बिल कड़ाव में हुआ था। उनके पिता लेफ्टिनेंट डेवडासन भारतीय सेना में सेवा करते थे, जिनका देहांत बाद में हो गया। उनकी मां का नाम रीजा है, जिन्होंने हमेशा दिलना के करियर को हमेशा समर्थन दिया।

उन्होंने काॅमर्स से स्नातक की डिग्री हासिल की। बाद में भारतीय नौसेना में प्रवेश लिया। दिलना बचपन से ही साहसी, चुनौतियों से डटकर सामना करने वाली थी। वे राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं और नेशनल कैडेट कोर (NCC) में भी सक्रिय रहीं। वे उन चुनिंदा नौसेना अधिकारियों में हैं जिन्होंने खुले समुद्र को अपनी कर्मभूमि बनाया और यह साबित किया कि नेतृत्व लिंग नहीं, योग्यता देखता है।(साभार एजेंसी)

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