इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में शामिल होगा INS विक्रांत

National News

(नई दिल्ली)3फरवरी,2026

ऑपरेशन सिंदूर में इंडियन नेवी ने ‘साइलेंट’ रहकर अपना रोल निभाया और इस तरह निभाया कि पाकिस्तान के पास मौजूद सीमित वॉरशिप भी अपने हार्बर से बाहर नहीं आ पाए। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इंडियन नेवी की अरब सागर में फॉरवर्ड तैनाती थी और नेवी का कैरियर बैटल ग्रुप वहां तैनात था। अब इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में दुनिया नेवी के कैरियर बैटल ग्रुप की ताकत देखेगी। इसी महीने होने वाले इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत अपने कैरियर बेटल ग्रुप के साथ शामिल होगा।आईएनएस विक्रांत इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में शामिल होगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 फरवरी को इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू करेंगी
18 फरवरी को विशाखापत्तनम में आर्म्ड फोर्सेस की सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू करेंगी। रिव्यू करने के लिए स्वदेशी नेवल ऑफशोर पेट्रोल वेसेल INS सुमेधा को प्रेजिडेंट यॉट बनाया गया है। कैरियर बेटल ग्रुप में एयरक्राफ्ट कैरियर के चारों तरफ सबमरीन भी होती हैं, साथ ही 8 से 10 वॉरशिप भी इसका हिस्सा होते हैं। ऑपरेशन सिंदूर में इंडियन नेवी का दबाव इतना ज्यादा था कि पाकिस्तान ने समंदर में कोई हरकत करने की सोची भी नहीं। इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में नीलगिरी क्लास का फ्रिगेट भी शामिल होगा। इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू के लिए नेवी ने दुनिया के कुल 137 देशों को न्योता दिया है। इसमें 60 से ज्यादा देशों ने अपने वॉरशिप के साथ हिस्सा लेने पर सहमति दी है।

2001 में 20 देशों के 97 वॉरशिप हुए थे शामिल
पहला इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) साल 2001 में किया गया था। तब राष्ट्रपति के. आर. नारायणन ने INS सुकन्या से फ्लीट का निरीक्षण किया था। उस फ्लीट रिव्यू में 20 देशों के 97 वॉरशिप शामिल हुए थे जिनमें 73 भारतीय और 24 विदेशी वॉरशिप थे। IFR का दूसरा एडिशन विशाखापत्तनम में साल 2016 में आयोजित किया गया था। कुल 50 देशों करीब 100 वॉरशिप इसमें शामिल हुए थे। तब तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने INS सुमित्रा से फ्लीट का निरीक्षण किया।

इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू हर चार-पांच साल में होती है
इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू के साथ ही नेवी हर चार-पांच साल में भी इंडियन फ्लीट रिव्यू भी कराती है। इसे प्रेजिडेंट इंडियन नेवी का फ्लीट रिव्यू करते हैं। हर राष्ट्रपति के कार्यकाल में एक बार इंडियन नेवी का फ्लीट रिव्यू होता है।
इसमें सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति को दिखाया जाता है कि इंडियन नेवी की क्या क्षमता है, नेवी के शिप देश की समुद्री सीमा की रक्षा के लिए कितना तैयार हैं। पिछली बार नेवी का प्रेजिडेंट फ्लीट रिव्यू 2022 में हुआ था।

जहां गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्रपति एक जगह पर खड़े रहकर सलामी लेते हैं, वहीं फ्लीट रिव्यू में सभी शिप एक फॉर्मेशन में एंकर्ड रहते हैं यानी स्थिर रहते हैं। राष्ट्रपति का शिप मूव करते हुए इनके पास से गुजरता है और राष्ट्रपति फ्लीट का मुआयना करते हैं।(साभार एजेंसी)

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