(नैनीताल)24जनवरी,2026.
नैनीताल में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य सरकार ने प्रदेश की जनता से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का जो वादा किया था, उसे सरकार ने अपने संकल्प के अनुरूप पूरा किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जनता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड गंगा, यमुना, आदि कैलाश, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे पवित्र धार्मिक स्थलों की भूमि है। इसी पावन धरती से समानता, न्याय और सामाजिक समरसता का संदेश पूरे देश को दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप समान नागरिक संहिता को लागू कर उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने बताया कि 27 जनवरी को राज्य में यूसीसी लागू होने का एक वर्ष पूर्ण हो रहा है, जिसे पूरे प्रदेश में “यूसीसी दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जनपदों के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद और अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि यूसीसी महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समानता और सभी नागरिकों की सुरक्षा की दृष्टि से एक ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम साबित हुआ है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन में राज्य की जनता ने सक्रिय सहयोग किया है तथा विवाह, तलाक, वसीयत सहित विभिन्न प्रावधानों के अंतर्गत बड़ी संख्या में पंजीकरण कराए गए हैं। यूसीसी दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को इसके प्रावधानों, लाभों और कानूनी प्रक्रियाओं की अधिक से अधिक जानकारी देना है, ताकि समाज में समान अधिकार और न्याय की भावना और मजबूत हो सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में वन्य मानव संघर्ष से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष कई क्षेत्रों में जंगली जानवरों के कारण ग्रामीणों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों में बच्चों, युवाओं और ग्रामीणों ने असाधारण साहस का परिचय देते हुए न केवल अपनी रक्षा की, बल्कि अन्य लोगों की जान भी बचाई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस विषय को गंभीरता से लेते हुए वन्य जीव प्रबंधन, सुरक्षा उपायों, त्वरित राहत, मुआवजा व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी को और सुदृढ़ कर रही है।
नैनीताल में यातायात जाम की समस्या पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि मानसखंड क्षेत्र के अंतर्गत कैंचीधाम सहित कई प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल आते हैं, जहां वर्षभर भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। इसी कारण यातायात दबाव बढ़ता है। उन्होंने बताया कि यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए बाईपास, वैकल्पिक मार्ग, सड़क चौड़ीकरण और पार्किंग जैसी योजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है, ताकि स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों दोनों को जाम से राहत मिल सके।
आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन—तीनों दृष्टियों से राज्य की सबसे महत्वपूर्ण यात्रा है। इस वर्ष यात्रा को और अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ विस्तृत बैठकें की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के अनुभवों और सुझावों के आधार पर सड़क, स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन सहित सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।(साभार)
