(नई दिल्ली)31अक्टूबर,2025.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में इंडिया मरीनटाइम लीडर्स कॉन्क्लेव 2025 को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के इस कालखंड में भारत का समुद्री क्षेत्र बड़ी तेजी और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि देश के बंदरगाह अब विकासशील देशों में सबसे कुशल बंदरगाहों में गिने जाते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि साल 2025 भारत के मरीनटाइम सेक्टर के लिए बहुत अहम साल रहा है।”
विकसित देशों के बंदरगाहों से भी बेहतर प्रदर्शन- मोदी:
इंडिया मरीनटाइम वीक 2025 कार्यक्रम में उपलब्धियों को गिनाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही विझिंजम बंदरगाह पहला गहरे पानी का अंतर्राष्ट्रीय केंद्र है, जिसका परिचालन शुरू हो गया है। वर्ष 2024-25 में भारत के प्रमुख बंदरगाहों में अधिकतम कार्गो हैंडलिंग की जा रही है, जो एक नया रिकॉर्ड बनाएगी। पहली बार किसी भारतीय बंदरगाह कांडला बंदरगाह में मेगावाट पैमाने पर हरित हाइड्रोजन सुविधा शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि जेएनपीटी जो कि भारत-मुंबई कंटेनर टर्मिनल है, उसकी हैंडलिंग क्षमता दोगुनी हो गई है और यह भारत का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह बन गया है। इसकी क्षमता के विस्तार को बड़े एफडीआई निवेश ने इसे संभव बनाया है और मैं इसके लिए सिंगापुर के पेशेवरों को धन्यवाद देता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत के बंदरगाह विकासशील देशों में सबसे कुशल बंदरगाहों में गिने जाते हैं। कई मायनों में वे विकसित देशों के बंदरगाहों से भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि साल 2024-25 में भारत के मेजर पोर्ट्स ने अब तक का सबसे अधिक कार्गो हैंडल करके भी नया रिकॉर्ड बनाया है। एक और बड़ा काम JNPT में हुआ है। JNPT में भारत-मुंबई कंटेनर टर्मिनल चरण-2 भी शुरू हो गया। इससे इस टर्मिनल की क्षमता भी दोगुनी हो गई है और ये भारत का सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट बन गया है। उन्होंने कहा कि नए शिपिंग कानून राज्य समुद्री बोर्डों की भूमिका को मजबूत करते हैं और बंदरगाह प्रबंधन में डिजिटल तकनीकों के एकीकरण को बढ़ावा देते हैं।(साभार एजेंसी)
