(देहरादून )10सितम्बर,2025.
मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड की भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस नीति के अन्तर्गत निदेशक सतर्कता, उत्तराखण्ड देहरादून की अध्यक्षता में सतर्कता अधिष्ठान में बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रचलित मामलों के त्वरित निस्तारण एवं भ्रष्टाचार पर रोकथाम के संदर्भ में अधीनस्थ कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक उपरान्त आयोजित प्रेस वार्ता में निदेशक सतर्कता ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सतर्कता अधिष्ठान ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
अप्रैल 2022 से सितम्बर 2025 तक सतर्कता विभाग को टोल फ्री नम्बर 1064, ई-मेल, वेबसाइट और व्हाट्सएप के माध्यम से कुल 9424 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 1421 शिकायतें विजिलेंस एंगल की रहीं, जिन पर कार्यवाही करते हुए 62 मामलों में ट्रैप की कार्यवाही की गई।
साल 2025 में ही 331 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 12 पर सफल ट्रैप किए गए। इस अवधि में कुल 79 ट्रैप की कार्यवाही करते हुए 92 कर्मचारी (13 राजपत्रित एवं 79 अराजपत्रित) गिरफ्तार कर जेल भेजे गए। इसके अतिरिक्त 24 मामलों में (7 राजपत्रित एवं 17 अराजपत्रित) कर्मचारियों को अनियमितता और डीए मामलों में पकड़ा गया।
सतर्कता अधिष्ठान ने इस दौरान 28 खुली जांच, 18 अन्वेषण एवं 76 ट्रैप मामलों का निस्तारण किया। अदालत में प्रबल पैरवी के चलते 37 मामलों का निर्णय हुआ, जिनमें से 28 में अभियुक्तों को दंडित किया गया। सजा का प्रतिशत 71% रहा।
सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग से मिलीं, जिनमें 29 मामलों में ट्रैप सफल रहा और 32 कर्मचारी गिरफ्तार हुए। क्षेत्रवार देखें तो गढ़वाल मण्डल में हरिद्वार (21) और देहरादून (10), जबकि कुमाऊँ मण्डल में उधमसिंह नगर (22) और नैनीताल (11) में सबसे अधिक ट्रैप की कार्यवाही की गई।
वर्तमान समय में सतर्कता अधिष्ठान के 29 प्रकरण शासन स्तर पर लंबित हैं, जिनमें अभियोजन स्वीकृति, अभियोग पंजीकरण और खुली जांच की अनुमति शामिल है।
सतर्कता विभाग ने सभी कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि हेल्पलाइन 1064 पर आने वाली हर शिकायत को तुरंत अटेंड किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।
भ्रष्टाचार की रोकथाम हेतु सतर्कता अधिष्ठान ने विभागों के कार्यालयों में जागरूकता पम्पलेट लगाए हैं। साथ ही स्कूलों व शिक्षण संस्थानों में सेमिनार और नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया, सिनेमाघरों और एफएम रेडियो के माध्यम से भी जनता को जागरूक किया जा रहा है।
दूरस्थ क्षेत्रों में भी हेल्पलाइन 1064 का प्रचार-प्रसार किया गया है। इसके चलते पिथौरागढ़, चमोली और बागेश्वर जैसे सीमांत जनपदों में भी भ्रष्ट कर्मचारियों पर ट्रैप की कार्यवाही हुई है।
सतर्कता अधिष्ठान ने शिकायतकर्ताओं को ट्रैप की धनराशि वापस करने के लिए रिवॉल्विंग फण्ड की स्थापना की है। अब तक देहरादून और हल्द्वानी सेक्टर के 13 शिकायतकर्ताओं को कुल ₹2,35,500/- वापस किए गए हैं।(साभार एजेंसी)
