( देहरादून )26अगस्त,2025.
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि एमपैक्स (MPACS) का कंप्यूटराइजेशन और डेटा माइग्रेशन कार्य 31 दिसंबर 2025 तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 1 जनवरी 2026 से फिजिकल डेटा अपलोडिंग पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी। मुख्य सचिव ने कहा कि कंप्यूटराइजेशन और डेटा अपडेशन की समयबद्ध पूर्ति के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाए। इसके लिए जनपद स्तर पर जिलाधिकारी और जिलास्तरीय सहकारिता अधिकारी तथा राज्य स्तर पर सचिव को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि डेटा अपडेशन के लिए टाइमलाइन तय कर सभी को उपलब्ध कराई जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि अछूती ग्राम पंचायतों तक सहकारी संस्थाओं की पहुँच बढ़ाने के लिए नए एमपैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य समितियों का गठन किया जाए। साथ ही, दूध उत्पादन और गुणवत्ता सुधार के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डेयरी को एक स्थायी आजीविका के रूप में बढ़ावा देकर ग्रामीण परिवारों और विशेषकर महिलाओं को सशक्त बनाया जा सकता है।
बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि एमपैक्स के माध्यम से संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों का कुल लेनदेन अभी बहुत कम है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इसे बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएँ और दिसंबर 2025 तक इसे 2 करोड़ रुपये मासिक तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री एल. फेनाई, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, सीजीएम नाबार्ड श्री पंकज यादव, निबंधक सहकारिता श्री मेहरबान सिंह बिष्ट और अपर सचिव श्री हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
