(नैनीताल) 29 सितंबर 2026.
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2026 के क्रम में आज पखवाड़े के 11वें दिन हल्द्वानी स्थित दिव्या पब्लिक स्कूल में कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन एवं Reduce–Reuse–Recycle (3R) विषय पर विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
यह कार्यक्रम नगर आयुक्त, नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम श्री परितोष वर्मा के दिशा-निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को कचरे की समस्या, विशेष रूप से प्लास्टिक कचरे के पर्यावरणीय प्रभाव तथा उसके उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक करना और उन्हें अपने घर एवं विद्यालय से ही स्वच्छता की जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कचरा प्रबंधन को लेकर विद्यार्थियों को किया जागरूक
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि कचरा प्रबंधन की शुरुआत कचरा पैदा होने के स्थान से ही होती है। यदि कचरे को शुरुआत में ही अलग-अलग कर दिया जाए तो उसके पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण और उचित निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो जाती है।
विद्यार्थियों को गीले एवं सूखे कचरे को अलग रखने, उपयोगी सामग्री को दोबारा इस्तेमाल करने तथा पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग एकत्रित करने के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पर विशेष चर्चा
कार्यशाला में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को विशेष रूप से शामिल किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि रोजमर्रा की जिंदगी में अनावश्यक प्लास्टिक, विशेषकर एकल-उपयोग प्लास्टिक एवं प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग कम करना आवश्यक है।
विद्यार्थियों को बाजार जाते समय कपड़े या जूट का थैला साथ रखने, प्लास्टिक की अनावश्यक वस्तुओं को लेने से बचने तथा प्लास्टिक सामग्री का अधिक से अधिक पुनः उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
यह भी बताया गया कि प्लास्टिक को खुले में फेंकना या जलाना पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए प्लास्टिक कचरे को अलग एकत्रित कर निर्धारित कचरा संग्रहण व्यवस्था के माध्यम से देना चाहिए।
Reduce • Reuse • Recycle यानी 3R का संदेश
कार्यशाला में विद्यार्थियों को 3R सिद्धांत को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया:
Reduce – कम करें:
अनावश्यक वस्तुओं एवं विशेष रूप से एकल-उपयोग प्लास्टिक की खपत को कम करें।
Reuse – पुनः उपयोग करें:
ऐसी वस्तुओं को फेंकने के बजाय उनका दोबारा उपयोग करें, जिनका सुरक्षित रूप से पुनः उपयोग संभव है।
Recycle – पुनर्चक्रण करें:
पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग रखें और उसे उचित पुनर्चक्रण प्रक्रिया तक पहुंचाएं।
विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में 3R को अपनाता है तो कचरे की मात्रा को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विद्यार्थियों को बनाया गया स्वच्छता का संदेशवाहक
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को केवल स्वयं इन आदतों को अपनाने के लिए ही नहीं, बल्कि अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
उन्हें बताया गया कि विद्यालय में सीखी गई छोटी-छोटी अच्छी आदतें घर तक पहुंचकर पूरे परिवार के व्यवहार में बदलाव ला सकती हैं।
आज की सहभागिता
कार्यक्रम में वार्ड संख्या 57 की पार्षद श्रीमती रुक्मणी बिष्ट, बैंणी सेना परियोजना प्रबंधक, नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम श्री मनोज नेगी तथा एसबीएम टीम से श्री मनीष पांडे उपस्थित रहे।
नगर निगम की टीम द्वारा विद्यार्थियों एवं विद्यालय के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर स्वच्छता, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन एवं जिम्मेदार नागरिक व्यवहार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की गई।
विद्यालयों से शुरू होगा स्वच्छता का बड़ा बदलाव
स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत विद्यालयों में आयोजित की जा रही ऐसी कार्यशालाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल स्वच्छता के बारे में जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवहार परिवर्तन का सहभागी बनाना है।
जब विद्यार्थी कचरे को अलग रखना, प्लास्टिक का उपयोग कम करना, वस्तुओं का पुनः उपयोग करना और पुनर्चक्रण को अपनाना सीखते हैं, तो वे इन आदतों को अपने घर और समाज तक भी पहुंचाते हैं।
“कचरा कम करें, प्लास्टिक घटाएं, 3R अपनाएं और स्वच्छ हल्द्वानी बनाएं।”(साभार सू वि)
