(देहरादून)07अगस्त,2026
उत्तराखंड राज्य में शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने पूरे उत्तराखंड में अमानकीकृत डेयरी एनालॉग एवं गैर-दुग्ध उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध उन उत्पादों पर लागू होगा, जो पनीर, घी, मक्खन या अन्य दुग्ध उत्पादों के नाम पर उपभोक्ताओं को भ्रमित करते हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत जारी यह आदेश पूरे राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू होगा। यह प्रतिबंध एक वर्ष अथवा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा इस संबंध में अंतिम मानक अधिसूचित किए जाने तक प्रभावी रहेगा।
विभाग के अनुसार बाजार में ऐसे उत्पादों की बिक्री बढ़ रही थी, जिनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल अथवा अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का उपयोग किया जाता था, जबकि उनकी पैकेजिंग और लेबलिंग वास्तविक दुग्ध उत्पादों जैसी होती थी। वैज्ञानिक परीक्षणों और जोखिम मूल्यांकन के बाद ऐसे उत्पादों पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि एफएसएसएआई के मानकों के अनुरूप फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे मानकीकृत उत्पाद इस प्रतिबंध के दायरे से बाहर रहेंगे।
प्रतिबंध लागू होने के बाद राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। डेयरी निर्माण इकाइयों, गोदामों, थोक एवं खुदरा बाजारों, होटलों, रेस्टोरेंटों और मिठाई की दुकानों की सघन जांच की जाएगी। संदिग्ध उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में परीक्षण कराया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने, उत्पाद जब्त करने तथा लाइसेंस निरस्त करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनस्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विभाग पूरे प्रदेश में नियमित निरीक्षण, सैंपलिंग और प्रवर्तन अभियान चलाएगा तथा उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले गैर-मानकीकृत डेयरी उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने खाद्य कारोबारियों से केवल एफएसएसएआई मानकों के अनुरूप उत्पादों का निर्माण एवं विक्रय करने तथा उपभोक्ताओं से खरीदारी के समय उत्पाद की लेबलिंग, निर्माण सामग्री और लाइसेंस संबंधी जानकारी अवश्य जांचने की अपील की है।(साभार)
