(देहरादून)06अगस्त,2026.
चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने कर्णप्रयाग और सिमली में आधुनिक पार्किंग परियोजनाओं को गति दे दी है। गुरुवार को आवास विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित विस्तृत वित्तीय समिति (DFC) की बैठक में दोनों परियोजनाओं के वित्तीय, तकनीकी एवं निर्माण संबंधी पहलुओं की समीक्षा की गई।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराया जाए। अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के साथ स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को भी राहत मिलेगी।
बैठक में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, चमोली के अधिकारियों ने दोनों परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। परियोजनाओं के उद्देश्य, स्थल चयन, यातायात सर्वेक्षण, पार्किंग क्षमता, निर्माण लागत और तकनीकी मानकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कर्णप्रयाग पार्किंग परियोजना की अनुमानित लागत 373.75 लाख रुपये है। इसके तहत 22 चारपहिया वाहनों की पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। पार्किंग के प्रथम तल पर आधुनिक कमर्शियल हॉल भी बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलने के साथ राजस्व सृजन भी होगा। अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना से कर्णप्रयाग बाजार में सड़क किनारे होने वाली अव्यवस्थित पार्किंग और जाम की समस्या में कमी आएगी।
वहीं सिमली पार्किंग परियोजना की अनुमानित लागत 398.85 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें 30 चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर स्थित एक महत्वपूर्ण जंक्शन है, जहां से चारधाम यात्रा मार्ग, श्री नंदा देवी राजजात यात्रा और गैरसैंण की ओर जाने वाले मार्ग जुड़ते हैं। नई पार्किंग बनने से सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग कम होगी और यातायात अधिक सुचारु एवं सुरक्षित हो सकेगा।
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार चारधाम यात्रा मार्गों पर आधुनिक एवं टिकाऊ आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग और सिमली पार्किंग परियोजनाएं केवल पार्किंग निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बेहतर यातायात प्रबंधन, यात्रियों की सुविधा और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ परियोजनाओं का निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।(साभार)
