(हरिद्वार)25जुलाई,2026
कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है। पुलिस लाइन रोशनाबाद स्थित बहुउद्देशीय भवन में एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन की अध्यक्षता में आयोजित संयुक्त ब्रीफिंग में मेला ड्यूटी पर तैनात पुलिस, प्रशासन और अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारियों एवं जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस वर्ष कांवड़ मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 6000 से अधिक पुलिसकर्मी, 13 कंपनी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, 10 कंपनी पीएसी/आईआरबी, होमगार्ड, पीआरडी, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, जल पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। पूरे मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टर में विभाजित किया गया है, जहां वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर कांस्टेबल स्तर तक की जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमान एसपी सिटी को नोडल अधिकारी के रूप में सौंपी गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र की जिम्मेदारी एसपी देहात संभालेंगे। यातायात संचालन एवं डायवर्जन प्लान की निगरानी एसपी क्राइम/ट्रैफिक निशा यादव करेंगी।
सुरक्षा के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10 ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा बीडीएस और डॉग स्क्वायड की 9 टीमें, जल पुलिस, एसडीआरएफ और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को भी संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।
एडीजी वी. मुरुगेशन ने जवानों से कहा कि कांवड़ मेला केवल ड्यूटी नहीं, बल्कि सेवा और जिम्मेदारी का अवसर है। उन्होंने अफवाहों पर तत्काल नियंत्रण, किसी भी घटना की तुरंत सूचना देने, भीड़ प्रबंधन, सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर सतर्क निगरानी तथा स्थानीय लोगों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
गढ़वाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले तत्वों, डीजे पर आपत्तिजनक गीतों और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। वहीं आईजी एसटीएफ निलेश भरणे ने पार्किंग व्यवस्था, संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की जांच तथा हरकी पैड़ी सहित संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा।
गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने, पेयजल, शौचालय, बिजली, पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने तथा खाद्य पदार्थों की ओवररेटिंग रोकने के निर्देश दिए।
एसएसपी नवनीत सिंह ने पुलिस बल को मानसून के दौरान संभावित चुनौतियों के प्रति सचेत करते हुए टॉर्च, रेनकोट और प्राथमिक चिकित्सा सामग्री साथ रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रात्रि में कोई भी कांवड़िया सड़क पर न सोए, इसके लिए थाना प्रभारी नियमित रूप से पीए सिस्टम के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना सुनिश्चित करें। पैदल कांवड़ियों को केवल निर्धारित नहर पटरी मार्ग से ही भेजा जाएगा तथा डायवर्जन व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने जवानों के कल्याण के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। ड्यूटी के दौरान भोजन, पेयजल, रेनकोट, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए अलग वेलफेयर टीम गठित की गई है। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रतिदिन सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया जाएगा।
उत्तराखंड पुलिस का लक्ष्य इस वर्ष की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाना है, जिसके लिए सुरक्षा व्यवस्था से लेकर यातायात, निगरानी और आपदा प्रबंधन तक सभी स्तरों पर व्यापक तैयारियां की गई हैं।(साभार एजेंसी)
