(देहरादून)29मार्च,2026
हरिद्वार में गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के भेषज विज्ञान विभाग में बौद्धिक संपदा अधिकार दिवस पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। देश के विभिन्न हिस्सों के बौद्धिक सम्पदा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विस्तार पूर्वक बौद्धिक संपदाएं, इसके संरक्षण व प्रकाशन एवं उपयोग के बारे में बताया।
विवि आतंरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो. पंकज मदान ने कहा कि वर्तमान में शोध को अत्याधुनिक एवं बहुउपयोगी बनाने में विभिन सॉफ्टवेर टूल्स का अत्यधिक महत्व है जो शोधार्थियों एवं छात्रो को शोध एवं अनुप्रयोग शिक्षा की ओर मोड़ने में सहायक होता है। गुरु घासी दास विश्वविद्यालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ की कम्युटेसनल केमिस्ट एवं शोधार्थी अवंतिका अग्रवाल ने शोध छात्रों को शोध से प्राप्त आंकड़ों के अनुप्रयोग संनिरीक्षण एवं शोध प्रकाशन में उनके महत्व को विभिन्न सॉफ्टवेयर टूल्स के हैंड्स ऑन ट्रेनिंग के माध्यम से बताया।
चित्कारा विश्वविद्यालय पंजाब के प्रोफेसर इन्दरवीर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में छात्रों का शुरू से ही रुझान अपनी बौद्धिक क्षमता को शोध-अविष्कार एवं उनके पंजीकरण, संरक्षण की तरफ होना चाहिए। डा. राहुल तनेजा, डा. नीलमणि ने भी विचार रखे। कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा, कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने सभी को बधाई दी(साभार एजेंसी)
