(देहरादून)14मई,2026
उत्तराखंड में चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) आठ जून से शुरू होगा। इससे पहले 29 मई से कर्मचारियों का प्रशिक्षण व गणना प्रपत्र का काम शुरू हो जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इसकी घोषणा कर दी है।
बृहस्पतिवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेसवार्ता कर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य में एक जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। 29 मई से सात जून तक गणना प्रपत्र की प्रिंटिंग, कर्मचारियों के प्रशिक्षण का काम होगा। आठ जून से सात जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र का बांटेंगे और भरवाकर जमा करेंगे।
राज्य में 14 जुलाई को मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल (मसौदा) का प्रकाशन किया जाएगा। दावे व आपत्तियों की सुनवाई 14 जुलाई से 13 अगस्त के बीच होगी। जिन मतदाताओं के वोट ड्राफ्ट रोल से कट जाएंगे, उन्हें 10 जुलाई से 11 सितंबर तक नोटिस जारी कर दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। राज्य में वर्तमान में 11,733 मतदान केंद्र के सापेक्ष राजनीतिक दलों ने 21,808 बीएलए-2 की तैनाती की है। प्रेसवार्ता में सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास, सूचना नोडल रवि बिजारनिया मौजूद रहे।
ऐसे होगा एसआईआर:
चुनाव आयोग ने प्रदेश में प्री-एसआईआर के तहत बीएलओ मैपिंग का काम कर लिया है। जिन मतदाताओं के नाम वर्तमान वोटर लिस्ट में हैं, उनके पास चुनाव आयोग की ओर से बीएलओ गणना प्रपत्र लेकर पहुंचेंगे। इस काम के लिए बीएलओ तीन बार तक आपके दरवाजे जाएंगे। इस गणना प्रपत्र में आपके वर्तमान वोट की पूरी जानकारी प्रिंट होगी। 2003 के वोट की जानकारी भरकर अपनी नवीन फोटो लगाकर वापस बीएलओ को ही जमा करानी है। इसकी एक कॉपी आपके पास भी रहेगी। फिलहाल इस प्रपत्र के साथ किसी तरह का कोई दस्तावेज नहीं देना है।(साभार एजेंसी)
